कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहला मेडल जीता
नई दिल्ली: भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना पहला पदक हासिल किया है। 28 वर्षीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह मेडल ग्लासगो के SEC आर्माडिलो वेन्यू में शुक्रवार को प्राप्त हुआ। ग्रुप बी में झंडू ने अपने दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया और कुल 130.9 अंक प्राप्त किए।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टिंग में मेडल बॉडीवेट कोएफिशिएंट फॉर्मूले के आधार पर दिए जाते हैं। झंडू ने पहले प्रयास में 181 किलो उठाया और फिर 190 किलो तक पहुंचे। अंतिम प्रयास में 196 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
गोल्ड और सिल्वर मेडल विजेता
किसने जीता गोल्ड और सिल्वर मेडल:
नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 208 किलो वजन उठाकर 132.8 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता। इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 199 किलो के साथ 131.0 अंक प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता। झंडू का प्रदर्शन भारत के लिए ब्रॉन्ज दिलाने में सफल रहा।
झंडू कुमार की प्रेरणादायक कहानी
जानें झंडू कुमार के बारे में:
झंडू कुमार की कहानी प्रेरणा से भरी हुई है। वे एक सब्जी विक्रेता के बेटे हैं। पहले वे अपने परिवार की मदद करते थे, बाद में ऑटो रिक्शा चलाने लगे। वर्ष 2023 में नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए उन्होंने अपना ऑटो बेच दिया था।
अन्य प्रतियोगियों का प्रदर्शन
बाकी कॉम्पेटीटर्स का क्या रहा?
दूसरे भारतीय पैरा पावरलिफ्टर्स को मेडल नहीं मिला। सुधीर ने छठा स्थान प्राप्त किया, जबकि अशोक कुमार मलिक चौथे स्थान पर रहे। महिलाओं में जसप्रीत कौर, सुमन देवी और कस्तूरी राजामणि भी पदक से वंचित रहीं। भारत के लिए यह पहला मेडल अत्यंत महत्वपूर्ण है। झंडू कुमार के संघर्ष और मेहनत ने पूरे देश को गर्व का अनुभव कराया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट्स का यह शानदार प्रदर्शन जारी है।