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गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर रेस में जीता सिल्वर मेडल

गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह गोल्ड मेडल से केवल 0.85 सेकंड पीछे रह गए। इस दौड़ में उनकी अद्वितीय रणनीति और तेज गति ने उन्हें सफलता दिलाई। जानें उनके करियर की अन्य उपलब्धियों के बारे में और कैसे उन्होंने भारत का नाम रोशन किया।
 

गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स में गुलवीर सिंह का 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतना एक यादगार क्षण बन गया। वह दौड़ में कुछ ही सेकंड से गोल्ड मेडल से चूक गए। इस दौड़ के माध्यम से गुलवीर ने भारत को पहली बार 10,000 मीटर में मेडल दिलाया। अंतिम क्षणों में उन्होंने अपनी गति को बढ़ाया, जिससे सभी दर्शक हैरान रह गए। उनकी यह रणनीति सफल रही और उन्होंने इतिहास रच दिया।


गुलवीर का अद्वितीय रिकॉर्ड

गुलवीर सिंह भारत के पहले पुरुष एथलीट हैं, जिन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीता है। उन्होंने यह दौड़ 27:49.78 सेकंड में पूरी की। इस दौड़ में ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। काई रॉबिन्सन ने दौड़ को 27:48.93 सेकंड में समाप्त किया, जबकि डेविड मुलार्की ने 27:50.28 सेकंड में दौड़ पूरी की।


गोल्ड से चूकने का क्षण

गुलवीर इस दौड़ में गोल्ड मेडल से केवल 0.85 सेकंड पीछे रह गए। काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड में दौड़ पूरी की, जबकि गुलवीर ने 27:49.78 सेकंड में। हालांकि, सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया।


दौड़ की शुरुआत और चुनौतियाँ

गुलवीर ने दौड़ की शुरुआत शानदार तरीके से की। पहले 1,000 मीटर के बाद वह तीसरे स्थान पर थे। लेकिन जैसे-जैसे दौड़ आगे बढ़ी, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 4,000 मीटर के बाद वह पांचवें स्थान पर पहुंच गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अंतिम क्षणों में उन्होंने अपनी गति बढ़ाई और दूसरे स्थान पर आकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।


गुलवीर की उपलब्धियाँ

इससे पहले, गुलवीर ने 2022 के एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में भाग लिया था, जहां उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला सिल्वर मेडल उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह 1986 के बाद पहली बार है जब पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में युगांडा और केन्या ने कोई मेडल नहीं जीता।