गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठे सवाल, बीसीसीआई में चर्चा तेज
गौतम गंभीर की कोचिंग पर बीसीसीआई में चर्चा
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के बारे में बीसीसीआई में चर्चाएँ बढ़ रही हैं। हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण मैचों में हार के बाद उनके निर्णयों और टीम प्रबंधन की शैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, गंभीर का अनुबंध 2027 तक है और बोर्ड ने अभी तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया है।
गंभीर के निर्णयों पर उठते सवाल
गौतम गंभीर के कार्यकाल को लेकर भारतीय क्रिकेट में नई बहस छिड़ गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार खराब प्रदर्शन के चलते कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने हेड कोच के कार्य करने के तरीके पर असंतोष व्यक्त किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ खिलाड़ियों ने बीसीसीआई के समक्ष अपनी चिंताएँ रखी हैं, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टीम के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बीसीसीआई अधिकारियों में असंतोष
रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के कुछ अधिकारी गौतम गंभीर के व्यवहार से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि टीम की हार के बाद गंभीर अक्सर जिम्मेदारी लेने के बजाय सपोर्ट स्टाफ या सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से जुड़े व्यक्तियों पर सवाल उठाते हैं। फिर भी, बोर्ड का एक बड़ा हिस्सा गंभीर के समर्थन में खड़ा है। उन्हें टीम में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई थी, जिसमें सपोर्ट स्टाफ का चयन करने का अधिकार भी शामिल था। अब यह चर्चा हो रही है कि इस अधिकार का उपयोग कितना सही तरीके से किया गया।
श्रीलंका दौरा गंभीर के लिए चुनौती
गौतम गंभीर के लिए आने वाला समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीलंका का आगामी दौरा उनके लिए एक बड़ी परीक्षा हो सकता है। यदि टीम वहां भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है, तो उनके कार्यकाल पर उठने वाले सवाल और बढ़ सकते हैं। भारत के टेस्ट क्रिकेट में हाल के खराब प्रदर्शन और इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक परिणामों के बाद दबाव बढ़ा है। हालांकि, गंभीर के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि उनका बीसीसीआई के साथ 2027 तक का अनुबंध है, जिससे उन्हें वर्ल्ड कप से पहले हटाना बोर्ड के लिए आसान नहीं होगा।