गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी की टीम में जगह को लेकर उठाए सवाल
नई दिल्ली में चर्चा में वैभव सूर्यवंशी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों अपनी शानदार फॉर्म के कारण सुर्खियों में हैं। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की चर्चा हर जगह हो रही है, फिर भी उन्हें लगातार टीम की प्लेइंग XI में स्थान नहीं मिल रहा है। इस पर प्रशंसकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी मेहनत के बावजूद उन्हें मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया है कि वैभव को मौका देने का निर्णय सोशल मीडिया की मांग या जनभावना पर आधारित नहीं होगा।
टीम चयन में गंभीर का दृष्टिकोण
गंभीर ने कहा कि टीम में किस खिलाड़ी को शामिल करना है, यह निर्णय कोच और कप्तान मिलकर करते हैं। उनका ध्यान ऐसी प्लेइंग XI बनाने पर होता है, जो मैच जीत सके।
संजू सैमसन की वापसी से बढ़ी चुनौती
वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू का अवसर मिला था, और जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वे प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। फिर भी, अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली। संजू सैमसन की टीम में वापसी के बाद वैभव को फिर से बेंच पर बैठना पड़ा।
एशियन गेम्स में परिस्थितियों के अनुसार वैभव और संजू दोनों को एक साथ खेलने का मौका मिला था, लेकिन अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में यह सवाल उठता है कि इनमें से किसे मौका मिलेगा।
सही निर्णय लेने की आवश्यकता
गौतम गंभीर ने कहा कि वैभव एक उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं और उनकी फॉर्म भी बेहतरीन है। लेकिन पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को अचानक बाहर करना आसान नहीं है। यदि वैभव को खिलाया जाता है, तो अभिषेक शर्मा या संजू सैमसन में से किसी एक को बाहर करना पड़ेगा। ऐसे में उस खिलाड़ी को समझाना भी कठिन होगा कि उसे क्यों बाहर किया गया। गंभीर ने कहा कि पिछले डेढ़-दो साल में जिस टीम कॉम्बिनेशन ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उसे कुछ खराब मैचों के बाद बदलना उचित नहीं होगा।
सोशल मीडिया के दबाव से निर्णय नहीं
गंभीर ने स्पष्ट किया कि प्लेइंग XI का चयन सोशल मीडिया नहीं करता। उनके अनुसार, लोकप्रिय निर्णय लेना आसान होता है, लेकिन सही निर्णय लेना कठिन है। टीम प्रबंधन का लक्ष्य खिलाड़ियों को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी की तीन-चार खराब पारियां उसे खराब खिलाड़ी नहीं बनातीं, और इसी तरह एक खराब सीरीज से पूरी टीम भी खराब नहीं हो जाती। इसलिए टीम में निरंतरता बनाए रखना आवश्यक है।