ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का धमाल: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 6 पदक एक दिन में
भारतीय खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धि
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो में हो रहा है, और 31 जुलाई का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए विशेष बन गया। जूडो से लेकर एथलेटिक्स तक, भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में छह पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है, जिसमें 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, इस बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भारत अभी भी पदक तालिका में 10वें स्थान पर है, जबकि वेल्स 24 पदकों के साथ नौवें स्थान पर है।
जूडो और एथलेटिक्स में भारत की चमक
भारतीय खिलाड़ियों की सफलता केवल जूडो और एथलेटिक्स तक सीमित नहीं रही। बॉक्सिंग में भी अच्छी खबर आई है, जहां सभी 10 भारतीय मुक्केबाज अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गए हैं। इससे भारत के लिए कम से कम 10 रजत पदक सुनिश्चित हो गए हैं, और अब सभी की नजरें स्वर्ण पदक पर टिकी हैं।
भारत ने बनाए नए रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स के जूडो के अंतिम दिन भारत ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए। महिला 48 किग्रा वर्ग में, असीमिता डे ने जीत हासिल कर भारत की पहली स्वर्ण पदक विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। 60 किग्रा वर्ग में, हर्ष सिंह ने 10-0 से जीत दर्ज की, जो भारत का दूसरा स्वर्ण पदक था। जूडो में भारत की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता।
पदक तालिका में बढ़ोतरी
अब तक भारत के स्वर्ण पदक विजेताओं में मीराबाई चानू, शर्मिला धनकड़, दिलीप गावित, अस्मिता डे और हर्ष सिंह शामिल हैं। वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई रजत और कांस्य पदक जीते हैं। गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर, सर्वेश कुशारे और बिंद्यारानी देवी जैसे खिलाड़ियों ने भारत की पदक संभावनाओं को मजबूत किया है।
एक दिन में 6 पदक जीतने की उपलब्धि
भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसी स्पर्धा में यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया।
पदक अभियान जारी
भारत का पदक अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। बॉक्सिंग के फाइनल मुकाबले अभी बाकी हैं, और भारतीय खिलाड़ियों की शानदार फॉर्म को देखते हुए आने वाले दिनों में पदकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश अब कई खेलों में एक मजबूत चुनौती के रूप में उभर रहा है।