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चेस ओलंपियाड 2026: भारत की चुनौती और प्रतियोगिता का प्रारूप

उज्बेकिस्तान के समरकंद में चेस ओलंपियाड 2026 का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें भारत डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में भाग लेगा। इस बार भारत को अमेरिका और मेज़बान उज्बेकिस्तान से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। प्रतियोगिता का प्रारूप 11 राउंड के मुकाबलों पर आधारित है, जिसमें हर टीम में 5 खिलाड़ी होते हैं। जानें भारत की संभावनाएं और प्रतियोगिता का पूरा शेड्यूल।
 

चेस ओलंपियाड 2026 का आयोजन

उज्बेकिस्तान के समरकंद में चेस ओलंपियाड 2026 का आयोजन होने जा रहा है। यह चेस का सबसे बड़ा टीम टूर्नामेंट है, जिसमें लगभग 200 देशों के हजारों खिलाड़ी भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का 46वां संस्करण 15 सितंबर से शुरू होकर 27 सितंबर तक चलेगा, जिससे समरकंद में चेस के खिलाड़ियों का मेला लगेगा।


भारत की स्थिति और चुनौती

भारत इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में भाग लेगा। भारतीय ओपन और विमेंस टीमें 2024 में चैंपियन बनी थीं और अब उन्हें अपने खिताबों की रक्षा करनी है। बुडापेस्ट में भारतीय पुरुष टीम ने 22 में से 21 मैच पॉइंट हासिल कर खिताब जीता था, जिसमें डी गुकेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। उन्होंने 10 में से 9 पॉइंट बनाए थे। अर्जुन एरिगैसी ने भी शानदार प्रदर्शन किया था।


भारत के लिए प्रमुख प्रतिद्वंद्वी

भारत को इस बार अमेरिका और मेज़बान उज्बेकिस्तान से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका रेटिंग के अनुसार नंबर-1 सीड है और उसके पास वेस्ली सो और फैबियानो कैरुआना जैसे कई उत्कृष्ट ग्रैंडमास्टर हैं। वहीं, उज्बेकिस्तान के पास नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव और जावोखिर सिंदारोव जैसे बड़े नाम हैं। अमेरिका को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। 2022 में चेस ओलंपियाड जीतने वाली युवा उज्बेकिस्तानी टीम अब अधिक अनुभवी हो चुकी है।


भारतीय टीम की ताकत

भारतीय टीम भी मजबूत है। गुकेश ओलंपियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद थोड़े फॉर्म में कमी दिखा रहे हैं, लेकिन टीम में आर प्रज्ञानानंदा जैसे खिलाड़ी हैं, जो उनकी कमी को पूरा कर सकते हैं। भारत की यह बड़ी ताकत है, क्योंकि टीम में गहराई है।


चेस ओलंपियाड का प्रारूप

चेस ओलंपियाड में कुल 11 राउंड के मुकाबले होंगे और हर देश एक टीम में अधिकतम 5 खिलाड़ियों को रजिस्टर कर सकता है। मुकाबले में केवल 4 खिलाड़ी खेलेंगे, जबकि एक खिलाड़ी रिजर्व रहेगा। इस प्रकार, एक टीम मैच में 4 गेम होते हैं। भारत और किसी अन्य देश के बीच मुकाबले में कुल 4 बोर्ड पर 4 मैच होंगे।


मैच जीतने पर 2 मैच पॉइंट मिलते हैं। 2-2 से ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 1-1 पॉइंट मिलता है। हारने पर कोई पॉइंट नहीं मिलता। ओलंपियाड का परिणाम किसी खिलाड़ी के व्यक्तिगत जीते गए गेम की संख्या से नहीं, बल्कि हर 4 बोर्ड वाले मैच को जीतने से तय होता है।


एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी मैच को 4-0 से जीतने पर ज्यादा पॉइंट नहीं मिलते। 4-0 की जीत हो या 2.5-1.5 की जीत, दोनों के लिए 2 मैच पॉइंट ही मिलेंगे। इसीलिए कभी-कभी बोर्ड नंबर-4 का खिलाड़ी भी टीम के लिए उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है जितना बोर्ड नंबर-1 का स्टार खिलाड़ी।


टाई-ब्रेक नियम

यदि टीमें मैच पॉइंट्स में बराबरी पर रहती हैं, तो टाई-ब्रेक से रैंकिंग तय होती है। चेस की वैश्विक संस्था FIDE हर ओलंपियाड के लिए टाई-ब्रेक के नियम निर्धारित करती है। इस प्रकार, टीमों का मैच जीतने पर ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के दौरान विरोधी टीमों के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना आवश्यक है।


शेड्यूल


  • 15 सितंबर: ओपनिंग सेरेमनी

  • 16 सितंबर: राउंड 1

  • 17 सितंबर: राउंड 2

  • 18 सितंबर: राउंड 3

  • 19 सितंबर: राउंड 4

  • 20 सितंबर: राउंड 5

  • 21 सितंबर: राउंड 6

  • 22 सितंबर: रेस्ट-डे

  • 23 सितंबर: राउंड 7

  • 24 सितंबर: राउंड 8

  • 25 सितंबर: राउंड 9

  • 26 सितंबर: राउंड 10

  • 27 सितंबर: राउंड 11 और क्लोजिंग सेरेमनी