जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप में बनाया नया रिकॉर्ड, भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने
बुमराह का ऐतिहासिक प्रदर्शन
स्पोर्ट्स : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जसप्रीत बुमराह ने अपनी शानदार गेंदबाजी से इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच में, बुमराह ने न केवल टीम इंडिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि एक व्यक्तिगत मील का पत्थर भी हासिल किया। अब वे टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं, जिससे भारतीय प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बुमराह का किफायती और प्रभावी प्रदर्शन
15 रन देकर 3 विकेट
अहमदाबाद के भरे मैदान में बुमराह ने अपने चार ओवरों में केवल 15 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, उनके टी20 वर्ल्ड कप में कुल विकेटों की संख्या 33 हो गई है। इस उपलब्धि ने उन्हें अर्शदीप सिंह और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों से आगे बढ़ा दिया है। बुमराह की सटीक गेंदबाजी ने विपक्षी बल्लेबाजों को पूरी तरह से असहाय कर दिया।
नंबर वन बनने की कहानी
दिग्गजों को पीछे छोड़कर
इससे पहले अर्शदीप सिंह और अश्विन ने 32-32 विकेट लेकर शीर्ष स्थान साझा किया था। अर्शदीप ने अपनी सटीक यॉर्कर और बेहतरीन स्विंग से यह मुकाम हासिल किया, जबकि अश्विन ने अपनी चतुर स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया। बुमराह ने रविवार के मैच में इन दोनों को पीछे छोड़कर भारतीय गेंदबाजी का नेतृत्व किया है। उनकी यॉर्कर आज भी दुनिया के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
भारतीय गेंदबाजों की सूची
टॉप भारतीय गेंदबाजों की रैंकिंग
भारतीय गेंदबाजों की इस सूची में चौथे स्थान पर हार्दिक पंड्या हैं, जिन्होंने 29 विकेट लिए हैं। वहीं, रविंद्र जडेजा 22 विकेटों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। यह सूची दर्शाती है कि भारतीय गेंदबाजी में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन है, जो बड़े टूर्नामेंटों में भारत की सफलता का आधार बनता है।
दक्षिण अफ्रीका पर बुमराह का दबदबा
प्रोटियाज टीम पर कसा शिकंजा
मैच के दौरान ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आसानी से 200 रनों का स्कोर पार कर जाएंगे। लेकिन बुमराह की घातक गेंदबाजी ने खेल का रुख बदल दिया। उन्होंने न केवल रन गति को रोका, बल्कि महत्वपूर्ण विकेट लेकर प्रोटियाज टीम को 187 रनों पर ही रोक दिया। यह बुमराह का जादुई स्पैल था जिसने मैच का पासा भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
सेमीफाइनल की ओर बढ़ते कदम
बुमराह की उपलब्धि का महत्व
बुमराह की इस उपलब्धि ने न केवल उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि भारत की दावेदारी को भी मजबूत किया है। कप्तान और टीम प्रबंधन बुमराह के फॉर्म से उत्साहित हैं। 188 रनों का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है, लेकिन बुमराह द्वारा दी गई मनोवैज्ञानिक बढ़त ने टीम के आत्मविश्वास को बढ़ा दिया है। अहमदाबाद के दर्शकों ने बुमराह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया, जो उनके कद को दर्शाता है।