जुही कुमारी ने एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीते दो पदक, कराटे में भी है महारत
जुही कुमारी की अद्भुत उपलब्धियाँ
जमुई। बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला की रहने वाली जुही कुमारी, जिन्हें 'कराटे क्वीन' के नाम से जाना जाता है, ने राजस्थान में आयोजित एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपनी बहु-प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता 24 से 26 जुलाई 2026 तक कोटपुतली के बहरोड़ स्थित आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल में हुई। जुही ने न केवल कराटे में स्वर्ण पदक जीता, बल्कि पहली बार सीबीएसई एथलेटिक्स क्लस्टर चैंपियनशिप की 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक भी हासिल किया।
ट्रैक पर पहली बार और ऐतिहासिक प्रदर्शन
जूही ने इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया। कराटे में अपनी पहचान बनाने के बाद, उन्होंने पहली बार किसी बड़े मंच पर दौड़ में भाग लिया और 1500 मीटर की स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।
पदकों की संख्या में अर्धशतक पूरा
जूही कुमारी का खेल सफर प्रेरणादायक रहा है। चार साल के करियर में उन्होंने 70 से अधिक पदक जीते हैं, जिनमें 50 से ज्यादा स्वर्ण पदक शामिल हैं। वह छह बार नेशनल चैंपियन, आठ बार स्टेट चैंपियन और दो बार इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियन रह चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए सईगोकाई कराटे-डो एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें 'Black Belt' से सम्मानित किया है।
नेशनल और ओलंपिक की ओर बढ़ते कदम
इस सफलता के बाद जुही कुमारी का आत्मविश्वास और भी बढ़ गया है। उनके कोच और स्थानीय खेल प्रशंसकों का मानना है कि जुही की नजरें अब आगामी नेशनल चैंपियनशिप पर हैं। उनका अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में मेडल जीतना है, और जयपुर में मिला यह सिल्वर मेडल उनके बहु-प्रतिभाशाली एथलीट बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।