जो रूट ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी फिर से संभाली, स्टीफन फ्लेमिंग बने कोच
इंग्लैंड टेस्ट टीम में नया बदलाव
इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट टीम में हाल ही में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद, जो रूट ने एक बार फिर से कप्तान की भूमिका ग्रहण की है। रूट ने स्पष्ट किया कि स्टीफन फ्लेमिंग की कोच के रूप में नियुक्ति ने उन्हें यह जिम्मेदारी दोबारा लेने के लिए प्रेरित किया।
फ्लेमिंग की नियुक्ति से रूट का निर्णय प्रभावित
जो रूट ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ बातचीत में बताया कि स्टीफन फ्लेमिंग का मुख्य कोच बनना उनके लिए एक महत्वपूर्ण कारण था। रूट ने कहा कि फ्लेमिंग का खेल के प्रति दृष्टिकोण और टीम को आगे बढ़ाने की योजना ने उन्हें काफी प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्लेमिंग के साथ काम करने का अवसर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करता है। रूट का मानना है कि अनुभवी कोच के साथ मिलकर इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट में नई सफलताएँ प्राप्त कर सकता है।
फ्लेमिंग ने मैकुलम की जगह ली
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने ब्रेंडन मैकुलम की जगह इंग्लैंड टेस्ट टीम के मुख्य कोच का पद ग्रहण किया है। मैकुलम का चार साल का कार्यकाल पिछले महीने समाप्त हुआ, लेकिन वह इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम के कोच बने रहेंगे। फ्लेमिंग ने पहले IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में कई खिताब जीते हैं। उनके अनुभव के चलते इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि वह टेस्ट टीम को नई दिशा देंगे।
पाकिस्तान के खिलाफ नई शुरुआत
जो रूट ने पहले 2017 से 2022 तक इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी की थी और अब वह दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि स्टोक्स और मैकुलम के नेतृत्व में टीम ने आक्रामक क्रिकेट खेलकर एक नई पहचान बनाई थी, और वह उसी सोच को आगे बढ़ाना चाहते हैं। रूट ने स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बहुत कुछ सीखा है और अब वह कप्तान के रूप में इसका उपयोग करेंगे। रूट और फ्लेमिंग की नई जोड़ी की पहली परीक्षा 19 अगस्त से लीड्स में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में होगी।