टी20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया की सेमीफाइनल में जगह बनाने की चुनौती
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की स्थिति
टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत की टीम को सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह हार टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए, जबकि भारत की टीम 111 रन पर सिमट गई।
टीम इंडिया की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाएं
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बावजूद, फैंस को उम्मीद है कि टीम इंडिया अगले दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। हालांकि, एक समीकरण ऐसा भी है, जिसके तहत टीम इंडिया दोनों मैच जीतने के बावजूद सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाएगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में टीम इंडिया की चुनौती
टीम इंडिया को सुपर-8 राउंड में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच 24 फरवरी को चेन्नई में और वेस्टइंडीज के खिलाफ 1 मार्च को कोलकाता में होगा। यदि भारत इन दोनों मैचों में जीत हासिल करता है, तो उसके 4 अंक हो जाएंगे।
हालांकि, भारत की नेट रन-रेट -3.800 है, जो कि बहुत नकारात्मक है। ऐसे में, 4 अंक होने पर भी टीम बाहर हो सकती है। 2012 के टी20 वर्ल्ड कप में भी ऐसा हुआ था, जब भारत ने 4 अंक के साथ नेट रन-रेट के कारण बाहर हो गया था।
2012 टी20 वर्ल्ड कप का उदाहरण
2012 में श्रीलंका में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने सुपर-8 में पहुंचने के लिए अपने सभी मैच जीते थे, लेकिन नेट रन-रेट के कारण सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका। उस समय भारत का नेट रन-रेट -0.274 था, जबकि अन्य टीमों का बेहतर था।
इस बार भी भारतीय फैंस को डर है कि 14 साल पहले जो हुआ, वह फिर से न हो। इसलिए टीम को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी।
यदि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच जीतता है, तो भारत को नेट रन-रेट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ऐसे में, भारत को केवल जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराना होगा।