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टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मैच पर विवाद बढ़ा

टी20 विश्व कप की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पीसीबी ने 15 फरवरी को होने वाले मैच से मना कर दिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने मोहम्मद यूसुफ की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है। जानिए इस विवाद के पीछे की कहानी और ICC की संभावित कार्रवाई के बारे में।
 

नई दिल्ली में टी20 विश्व कप की तैयारी


नई दिल्ली: टी20 विश्व कप की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, जिसका आगाज 7 फरवरी से होगा। लेकिन इस टूर्नामेंट से पहले विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को खेलने से मना कर दिया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।


सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का दौर

सोशल मीडिया पर पीसीबी और मोहसिन नकवी को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, कुछ पाकिस्तानी क्रिकेटर पीसीबी का समर्थन कर रहे हैं। इस संदर्भ में, पूर्व पाक क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने भारत के खिलाफ एक पोस्ट किया, जिस पर भारत के पूर्व खिलाड़ी अजय जडेजा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड और टीम पर लीगल एक्शन लिया गया तो रोना नहीं चाहिए।


अजय जडेजा का मोहम्मद यूसुफ को जवाब

भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर विवाद उत्पन्न हो गया है, जो कि खेल के मैदान से संबंधित है। मोहम्मद यूसुफ ने इस विवाद को और बढ़ाते हुए एक पोस्ट किया, जिस पर अजय जडेजा ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'फिर बाद में कोई लीगल केस या कोई प्रतिबंध लगे तो रोना मत, क्योंकि आप लोगों की छोटी-छोटी बातों पर रोने की आदत है।'




यूसुफ मोहम्मद का बयान

पूर्व पाक क्रिकेटर ने अपने एक्स अकाउंट पर पीसीबी का समर्थन करते हुए लिखा कि हमारी सरकार का यह एक कठिन लेकिन आवश्यक कदम है। सिद्धांतों को व्यावसायिक हितों से पहले आना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट को वास्तव में वैश्विक बनाने के लिए 'चुनिंदा' प्रभाव खत्म होना चाहिए।


ICC की संभावित कार्रवाई

अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज के मैच खेलने से मना करता है, तो आईसीसी पीसीबी पर कड़ा एक्शन ले सकती है। आईसीसी ने कहा है कि पाकिस्तान का भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार वैश्विक क्रिकेट की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।


इसका खेल पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। यदि पाकिस्तान ऐसा कोई कदम उठाता है, तो उसे इसके नकारात्मक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। टूर्नामेंट में चुनिंदा रूप से भाग लेने की यह स्थिति वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।