टीम इंडिया को बड़ा झटका: ऋषभ पंत के बाद वाशिंगटन सुंदर भी चोटिल
टीम इंडिया को नया झटका
टीम इंडिया को एक और झटका: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन वनडे मैचों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। पहले वनडे में, जो 11 जनवरी को वडोदरा में खेला गया, टीम इंडिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 4 विकेट से जीत हासिल की। लेकिन इस मैच में एक चिंता का विषय सामने आया, जब वाशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए।
जी हां, टीम इंडिया के स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर पहले वनडे के दौरान चोटिल हो गए, जिसके कारण उन्हें न्यूजीलैंड की पारी के बीच मैदान छोड़ना पड़ा। हालांकि, बाद में वह बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन उनकी स्थिति ठीक नहीं थी।
वाशिंगटन सुंदर की चोट
पहले वनडे में स्ट्रेन का शिकार
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में, कप्तान शुभमन गिल ने तीन स्पिनरों के साथ खेलने का निर्णय लिया। इस कारण ध्रुव जुरेल और नितीश कुमार रेड्डी को बाहर बैठना पड़ा और वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया। न्यूजीलैंड के ओपनर्स ने अच्छी शुरुआत की, जिसके चलते सुंदर को नौवें ओवर में गेंदबाजी करनी पड़ी। हालांकि, वह विकेट नहीं ले सके और उन्होंने पांच ओवर में 27 रन दिए।
सुंदर ने अपना पांचवां ओवर न्यूजीलैंड की पारी के 20वें ओवर में डाला, लेकिन इसके बाद वह गेंदबाजी के लिए नहीं आए। बाद में पता चला कि वह स्ट्रेन के कारण मैदान से बाहर चले गए हैं और उनकी जगह नितीश कुमार रेड्डी ने फील्डिंग की।
सुंदर ने बल्लेबाजी में भी केवल 7 रन बनाए और तेज सिंगल लेने से मना कर रहे थे, जिससे उनकी चोट की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ऋषभ पंत के बाद वाशिंगटन सुंदर का भी बाहर होना?
चोट की गंभीरता पर सवाल
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला की शुरुआत से पहले ऋषभ पंत भी चोटिल होकर बाहर हो गए थे। अब वाशिंगटन सुंदर की चोट ने भी चिंता बढ़ा दी है। मैच के बाद, कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि सुंदर को स्कैन के लिए भेजा जाएगा और तब ही स्थिति स्पष्ट होगी।
वाशिंगटन सुंदर को टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी टीम में शामिल किया गया है। यदि उनकी चोट गंभीर नहीं है, तो भी उन्हें एहतियात के तौर पर बाकी दो मैचों से बाहर रखा जा सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में भी उनकी भागीदारी पर संदेह है, जो 21 जनवरी से शुरू होगी।
टीम इंडिया की उम्मीद है कि वाशिंगटन सुंदर की चोट गंभीर नहीं हो, ताकि वह टी20 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह से फिट रह सकें। यदि वह फिट नहीं होते हैं, तो भारत को उनके विकल्प पर विचार करना होगा।