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दलीप ट्रॉफी 2026: ईस्ट जोन ने 13 साल बाद जीती चैंपियनशिप

दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। ईशान किशन की कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें पहली पारी में 708 रन बनाकर साउथ जोन पर बड़ी बढ़त बनाई। मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। जानें इस जीत के पीछे की कहानी और खिलाड़ियों के योगदान के बारे में।
 

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल


चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। ईशान किशन की कप्तानी में टीम ने पूरे पांच दिन तक मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। पहले पारी में विशाल स्कोर बनाने के बाद, ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर एक बड़ी बढ़त बनाई। मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया।


ईस्ट जोन का शानदार स्कोर

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रन बनाए। कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन का योगदान दिया। साउथ जोन की ओर से त्रिपुराना विजय ने चार विकेट लिए। इसके जवाब में, साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई, जिसमें कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन बनाए। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने तीन विकेट लिए।


दूसरी पारी में ईस्ट जोन का दबदबा

पहली पारी में 372 रन की बढ़त लेने के बाद, ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी मजबूत स्कोर बनाया। टीम ने सात विकेट पर 388 रन बनाए। मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली, जबकि अनुकूल रॉय ने 64 रन बनाए। इसके बाद दोनों टीमों ने मुकाबला ड्रॉ करने का निर्णय लिया।


ईस्ट जोन की 13 साल बाद ट्रॉफी जीतने की खुशी

पहली पारी की 372 रन की बढ़त ईस्ट जोन के लिए खिताब जीतने के लिए पर्याप्त साबित हुई। टीम ने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा किया। इससे पहले, ईस्ट जोन ने 2013 में यह ट्रॉफी जीती थी। क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक, टीम ने लगातार प्रभावशाली क्रिकेट खेला और हर विभाग में अपनी ताकत दिखाई।


वैभव और शमी का योगदान

सिर्फ 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी इस चैंपियन टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उपयोगी योगदान देकर कम उम्र में बड़ा अनुभव हासिल किया। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी ईस्ट जोन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर, साउथ जोन के लिए मोहम्मद सिराज का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम खिताब से दूर रह गई।