दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की जगह, वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी
ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को हराया
ईस्ट जोन ने गत विजेता सेंट्रल जोन को चार विकेट से पराजित कर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की है। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पहली पारी में 81 गेंदों पर 92 रन और दूसरी पारी में 43 गेंदों पर 40 रन बनाए। फाइनल में पहुंचने के बाद वैभव ने सोशल मीडिया पर ट्रॉफी की इमोजी साझा की, जिससे उनकी खिताब की चाह स्पष्ट होती है। फाइनल मुकाबला 6 सितंबर को चेपॉक में होगा।
सेमीफाइनल में वैभव का प्रभाव
सेमीफाइनल में वैभव ने बदला मैच का रंग
वैभव ने दोनों पारियों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। पहली पारी में वह शतक से केवल आठ रन दूर रह गए। दूसरी पारी में उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अचानक तेजी से रन बनाना शुरू किया। यश ठाकुर के एक ओवर में वैभव ने लगातार चार चौके और एक छक्का लगाया, लेकिन अगली गेंद पर रजत पाटीदार ने उनका कैच लपक लिया।
लाल गेंद के सामने भी वैभव का जलवा
लाल गेंद के सामने भी नहीं बदला अंदाज
T20 क्रिकेट में अपनी तेज बल्लेबाजी के लिए मशहूर वैभव ने रेड-बॉल क्रिकेट में भी वही जोश दिखाया। उनकी दूसरी पारी ने यह साबित किया कि वह जरूरत पड़ने पर टिककर भी खेल सकते हैं और तेजी से रन भी बना सकते हैं। फाइनल में भी उनसे इसी तरह की बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही है। ट्रॉफी की इमोजी साझा करके वैभव ने संकेत दिया है कि उनकी नजर अब खिताब पर है।
टीम की जीत में अन्य खिलाड़ियों का योगदान
शमी-मुकेश ने भी निभाई अहम भूमिका
ईस्ट जोन की जीत केवल वैभव की बल्लेबाजी की कहानी नहीं है। मोहम्मद शमी ने दोनों पारियों में 2/42 और 3/56 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि मुकेश कुमार ने 3/56 और 4/44 का शानदार प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिसके बाद बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर टीम को चार विकेट से जीत दिलाई और फाइनल में जगह बनाई।
खिताबी मुकाबला 13 साल बाद
13 साल बाद उसी मैदान पर खिताबी मौका
ईस्ट जोन 6 सितंबर को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में फाइनल खेलेगा। टीम का सामना साउथ जोन या नॉर्थ जोन में से किसी एक से होगा। खास बात यह है कि ईस्ट जोन ने पिछली बार 2012/13 में इसी मैदान पर दलीप ट्रॉफी जीती थी। टीम ने 2011/12 और 2012/13 में लगातार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। अब वैभव के पास तीसरे खिताब के साथ बड़ा मंच है।