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दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच गरमागरम बहस

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा, जबकि तिलक वर्मा के साथ उनकी बहस ने मैच को और भी दिलचस्प बना दिया। 15 वर्षीय वैभव ने साउथ जोन के खिलाफ शानदार शुरुआत की, लेकिन अर्धशतक से चूक गए। इस दौरान तिलक वर्मा ने उन्हें स्लेज करने की कोशिश की, जिससे मैदान पर एक गरमागरम बहस हुई। जानें इस मुकाबले के बारे में और क्या हुआ जब दोनों युवा क्रिकेटरों के बीच तनाव बढ़ा।
 

दलीप ट्रॉफी में वैभव की शानदार बल्लेबाजी


नई दिल्ली. दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए, उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ तेज शुरुआत की। पिछले मैच में शतक से चूकने वाले इस ओपनर ने यहां भी 6 रन से फिफ्टी बनाने का मौका गंवा दिया। इस छोटी पारी में वैभव ने ऐसा प्रदर्शन किया कि विरोधी टीम के कप्तान तिलक वर्मा ने उन्हें स्लेज करने की कोशिश की। दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए खेलते हैं।


दलीप ट्रॉफी के दौरान एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब अनुभवी खिलाड़ी तिलक वर्मा ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से बहस की। यह दिलचस्प है कि दोनों ही टी20 इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। मैच के दौरान ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। वैभव ने अभिमन्यू ईश्वरन के साथ मिलकर पारी की शुरुआत की और पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की।


Heated argument between Vaibhav Sooryavanshi and Tilak Varma in Duleep Trophy Final at Chepauk. pic.twitter.com/QZytJYKauv

— M A N U. (@IMManu_98) September 6, 2026




फाइनल के पहले दिन, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया। 15 साल के इस बल्लेबाज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। वह अर्धशतक से महज छह रन दूर थे, जब एक गलत शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। आउट होने से पहले उन्होंने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के खिलाफ भी शानदार बल्लेबाजी की, उनके एक ओवर में लगातार तीन बॉल पर बाउंड्री लगाई।


तिलक वर्मा के साथ बहस


जब वैभव ने चौकों की बरसात की, तब साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने उनसे उलझने की कोशिश की। तिलक ने वैभव के पास जाकर कुछ कहा, जिसका जवाब इस युवा बल्लेबाज ने भी दिया। उन्होंने तिलक की आंखों में आंखें डालकर जवाब दिया। तिलक ने वैभव पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की, और स्टंप माइक में उनकी स्लेजिंग की आवाज कैद हुई, जिसमें उन्होंने कहा, “क्या यार ये वाइस-कैप्टन?”