दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर अभिषेक पोरेल कानूनी विवाद में फंसे
अभिषेक पोरेल पर लगे गंभीर आरोप
दिल्ली कैपिटल्स के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल कानूनी समस्याओं में उलझ गए हैं। कोलकाता हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपों के चलते उनकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया जाए ताकि मामले से जुड़े डिजिटल सबूत सुरक्षित रह सकें। इस घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।
महिला की शिकायत से शुरू हुआ मामला
यह मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने हुगली जिले के मोगरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि 2023 में संपर्क में आने के बाद अभिषेक पोरेल ने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि इस दौरान खिलाड़ी ने कई प्राइवेट वीडियो भी रिकॉर्ड किए। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है।
ब्लैकमेलिंग के आरोप भी शामिल
शिकायतकर्ता ने कहा कि अभिषेक पोरेल और उनके एक साथी ने फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। महिला ने इसे मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया। अदालत ने इन गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट के सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती आवश्यक है। अदालत का मानना है कि इससे संभावित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सकेगा और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोका जा सकेगा। कोर्ट ने पुलिस को कार्रवाई में तेजी लाने का आदेश दिया है।
गिरफ्तारी न होने पर उठे सवाल
अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसी कारण जांच एजेंसी को तुरंत कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। अभिषेक पोरेल पश्चिम बंगाल के चंदननगर के निवासी हैं और घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह तेज गेंदबाज ईशान पोरेल के चचेरे भाई भी हैं।
आईपीएल में मिली पहचान
अभिषेक पोरेल तब सुर्खियों में आए जब ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद उन्हें दिल्ली कैपिटल्स की टीम में शामिल किया गया। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से उन्होंने कम समय में पहचान बनाई। हालांकि, अब उनके खिलाफ लगे आरोपों और अदालत के आदेश के कारण उनका नाम क्रिकेट से ज्यादा कानूनी विवादों में चर्चा का विषय बन गया है। मामले की जांच जारी है और आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।