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दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए विशेष तैयारी

दिल्ली में होने वाली BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के आयोजक किसी भी समस्या से बचने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। PV सिंधु ने इन प्रयासों की सराहना की है, जिसमें बंदरों को दूर रखने के लिए अनोखे उपाय शामिल हैं। जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान हुई समस्याओं के बाद आयोजकों ने कई कदम उठाए हैं। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 20 करोड़ रुपये खर्च करके बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। जानें इस चैंपियनशिप के लिए और क्या खास इंतजाम किए गए हैं।
 

खास इंतजामों की तैयारी

दिल्ली में आयोजित होने वाली BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के आयोजक किसी भी प्रकार की समस्या से बचना चाहते हैं। जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान पक्षियों और बंदरों के कारण मैच प्रभावित हुए थे। अब स्टेडियम में बंदरों को दूर रखने के लिए विशेष टीम, मशीनें और अन्य उपाय किए गए हैं।


सिंधु ने की प्रशंसा

सिंधु ने अनोखे इंतजाम को सराहा

PV सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए किए गए इंतजामों की सराहना की है। उन्होंने विशेष रूप से ज़फ़र की टीम के प्रयासों की प्रशंसा की, जो लंगूर की आवाज़ की नकल करके बंदरों को स्टेडियम से दूर रखने का प्रयास करेगी। यह कौशल ज़फ़र को उनके परिवार से विरासत में मिला है। सिंधु ने कहा कि लोग इस उपाय पर हंस सकते हैं, लेकिन इसकी कोशिश की सराहना होनी चाहिए। उनके अनुसार, कई लोग पर्दे के पीछे मेहनत कर रहे हैं ताकि भारत दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों का स्वागत कर सके।


इंडिया ओपन की घटनाओं का प्रभाव

इंडिया ओपन के बाद बढ़ी चिंता

इस तैयारी का एक मुख्य कारण जनवरी में आयोजित इंडिया ओपन है। उस टूर्नामेंट में कोर्ट पर पक्षियों की बीट के कारण HS प्रणय और लोह कीन यू का मैच दो बार रोकना पड़ा था। साफ-सफाई और दिल्ली की खराब हवा को लेकर भी चिंताएं थीं। आयोजकों ने ऐसी समस्याओं से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं। वेंटिलेशन को बंद किया गया है और लकड़ी के दरवाजों की जगह डबल-डोर सिस्टम स्थापित किया गया है। ज़फ़र की चार सदस्यीय टीम भी इसी योजना का हिस्सा है। हालांकि ज़फ़र अपने काम पर गर्व महसूस करते हैं, लेकिन वे नहीं चाहते कि उनका बेटा भी भविष्य में यही काम करे।


स्टेडियम में बड़े बदलाव

स्टेडियम में 20 करोड़ रुपये से बदलाव

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च करके कई बदलाव किए जा रहे हैं। स्टेडियम की छत और वेंट पर नॉन-टॉक्सिक जेल लगाया गया है। इसके अलावा शिकारी पक्षियों की आवाज़ निकालने वाली 10 अमेरिकी पेटेंट मशीनें भी स्थापित की गई हैं। पूरे परिसर में 80 टॉयलेट बदले गए हैं, जिनमें 57 स्टेडियम के अंदर हैं। दो मंजिलों के 16 एंट्री पॉइंट पर ग्लास दरवाजे और ऑटोमैटिक डबल-एंट्री सिस्टम लगाए गए हैं। इंडोनेशिया से आए लाइटिंग विशेषज्ञ भी चैंपियनशिप के अनुसार रोशनी की व्यवस्था तैयार कर रहे हैं। अब टूर्नामेंट से पहले इन सभी इंतजामों की असली परीक्षा होगी।