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नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर मेडल, भारत ने बनाया नया इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि पहली बार दो भारतीय एथलीट एक साथ जेवलिन में पोडियम पर खड़े हुए। जानें नीरज की चोट के बाद वापसी और यश की अद्भुत सफलता के बारे में।
 

नई दिल्ली में नीरज चोपड़ा का शानदार प्रदर्शन


नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रमुख एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की है। स्कॉटलैंड के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित पुरुषों के जेवलिन फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। कठिन मौसम और हवा के बावजूद, नीरज ने इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।


प्रतियोगिता में अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन

इस प्रतियोगिता में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, भारत के युवा एथलीट यश वीर सिंह ने अंतिम क्षणों में 85.41 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।


An outstanding Silver for Neeraj Chopra in the Men’s Javelin event at Glasgow!

He has once again demonstrated remarkable consistency, composure and spirit. His successes make every Indian proud. My best wishes to him for the endeavours ahead. #CWG2026@Neeraj_chopra1 pic.twitter.com/5sJjjCQg4W

— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2026


भारत के लिए ऐतिहासिक दिन

यह दिन भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार पुरुषों के जेवलिन में भारत के दो एथलीट एक साथ पोडियम पर खड़े हुए। इसके अलावा, जूडो में गोल्ड, बॉक्सिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन और डेकाथलॉन में मेडल ने इस दिन को और भी खास बना दिया।


नीरज चोपड़ा का शानदार प्रदर्शन

नीरज चोपड़ा ने पहले थ्रो में 80.97 मीटर की दूरी तय की। इसके बाद, उन्होंने दूसरे थ्रो में 85.83 मीटर का बेहतरीन थ्रो किया, जो इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। हालांकि, श्रीलंका के रुमेश ने 89.75 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीत लिया। नीरज ने और प्रयास किए, लेकिन सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।


चोट के बाद नीरज की वापसी

नीरज चोपड़ा हाल ही में चोट से जूझ रहे थे। वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान उनकी पीठ में समस्या बढ़ गई थी, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने स्वीकार किया कि वह पूरी तरह से फिट नहीं हैं और कहा कि अगर वह 100% फिट होते, तो और बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। चोट के बाद वापसी करते समय उन्हें थोड़ा डर था, लेकिन वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।


यश वीर सिंह का शानदार प्रदर्शन

भारत के युवा एथलीट यश वीर सिंह ने इस प्रतियोगिता में सभी को चौंका दिया। अंतिम थ्रो से पहले वह आठवें स्थान पर थे, लेकिन उन्होंने 85.41 मीटर का थ्रो करके सीधे तीसरे स्थान पर छलांग लगाई। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था और इसी के साथ उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनकी इस शानदार वापसी ने भारत को डबल पोडियम दिलाया।


भारत में जेवलिन की बढ़ती ताकत

इस प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि भारत में जेवलिन अब केवल नीरज चोपड़ा तक सीमित नहीं है। नए खिलाड़ी भी सामने आ रहे हैं और देश को मेडल दिला रहे हैं। यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक सकारात्मक संकेत है।