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नीरज चोपड़ा: भारतीय एथलेटिक्स के सितारे की प्रेरणादायक यात्रा

नीरज चोपड़ा, भारतीय जैवलिन थ्रो के सितारे, ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। 2016 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप से लेकर टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने तक, उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता और भारतीय सेना में भी अपनी पहचान बनाई। जानें उनकी यात्रा और उपलब्धियों के बारे में।
 

नीरज चोपड़ा की अद्वितीय उपलब्धियाँ


भारतीय जैवलिन थ्रो के सितारे नीरज चोपड़ा आज के समय में विश्व के सबसे सफल एथलीटों में से एक माने जाते हैं। उनका सफर, जो जूनियर स्तर से शुरू होकर ओलंपिक और विश्व चैंपियन बनने तक पहुंचा, मेहनत और उत्कृष्टता का प्रतीक है। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।


नीरज ने 2016 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 86.48 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता, साथ ही उन्होंने विश्व अंडर-20 रिकॉर्ड भी स्थापित किया, जो आज भी बरकरार है। इसके बाद उनका करियर लगातार ऊंचाई पर चढ़ता गया। 2021 में टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जिससे वह एथलेटिक्स में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और इसने उन्हें विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।


टोक्यो ओलंपिक के बाद भी नीरज का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। 2023 में उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर एक और नया इतिहास रचा। वह जैवलिन थ्रो में विश्व चैंपियन बनने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बने। इसके अलावा, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे प्रमुख टूर्नामेंटों में भी स्वर्ण पदक जीते। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक भी जीता, जिससे वह उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए, जिन्होंने एक से अधिक व्यक्तिगत ओलंपिक मेडल जीते हैं।


नीरज चोपड़ा ने खेल के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 2016 में नायब सूबेदार के रूप में सेना में शामिल होकर अपनी सेवा शुरू की। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्हें समय-समय पर पदोन्नति मिली और 2025 में उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्म श्री जैसे कई बड़े सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सेना ने उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया है। नीरज आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।