नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास, ब्राजील का विश्व कप सफर समाप्त
फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील की हार
फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील की यात्रा राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गई, जब उन्हें नॉर्वे के खिलाफ 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार से टीम के खिलाड़ी काफी निराश हैं। इसी निराशा के चलते, अनुभवी फुटबॉलर नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का निर्णय लिया।
नेमार की भावुक प्रतिक्रिया
34 वर्षीय नेमार ने इस मैच में ब्राजील के लिए एकमात्र गोल किया, लेकिन यह टीम को हार से नहीं बचा सका। जैसे ही मैच समाप्त हुआ, नेमार हताश होकर मैदान पर बैठ गए और रोने लगे, क्योंकि ब्राजील ने 1990 के बाद से सबसे खराब प्रदर्शन किया था। उनका यह भावुक क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है और फैंस को गहराई से छू रहा है।
संन्यास की घोषणा
मैच खत्म होते ही नेमार ने अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने मैदान पर बैठकर आंसू बहाए, जबकि साथी खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद, उन्होंने स्टेडियम में मौजूद फैंस का धन्यवाद किया और भावुक माहौल में ड्रेसिंग रूम की ओर लौट गए।
🚨🚨 BREAKING: Neymar announces his RETIREMENT FROM INTERNATIONAL FOOTBALL. 👋🏼🇧🇷
— Fabrizio Romano (@FabrizioRomano) July 5, 2026
“I tried. I tried. It started here at Met Life stadium and I finished here. It is now over”, Ney said after the game.
His story with the Brazilian national team is over. pic.twitter.com/vPIFflyJHq
नॉर्वे की जीत
ब्राजील को इस मैच में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। टीम ने एक पेनल्टी का फायदा नहीं उठाया, जबकि एर्लिंग हालैंड ने अंतिम क्षणों में दो गोल करके नॉर्वे को यादगार जीत दिलाई। नेमार ने स्टॉपेज टाइम में पेनल्टी पर गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मैच ब्राजील के हाथ से निकल चुका था। इस हार के साथ ही टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।
नेमार का यादगार करियर
नेमार ने 2010 में ब्राजील की सीनियर टीम में पदार्पण किया और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 80 गोल दागकर देश के सर्वकालिक सबसे सफल पुरुष गोल स्कोरर बने। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ पेले का रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि, कई विश्व कप और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के बावजूद, वह ब्राजील को विश्व कप ट्रॉफी नहीं दिला सके। फिर भी, उनके शानदार योगदान के कारण उन्हें हमेशा महान खिलाड़ियों में गिना जाएगा।