पाकिस्तान में मीडिया सेंसरशिप: NYT की रिपोर्ट पर रोक क्यों?
पाकिस्तान में रिपोर्ट पर रोक का मामला
नई दिल्ली: न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट को पाकिस्तान सरकार द्वारा रोका गया है, जो आसीम मुनीर के नियंत्रण में है। इस रिपोर्ट को पाकिस्तान के प्रिंट संस्करण से हटा दिया गया, जबकि यह अमेरिका और अन्य देशों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इसके बाद पाकिस्तान में मीडिया सेंसरशिप और धार्मिक संवेदनशीलता पर चर्चा शुरू हो गई है।
रिपोर्ट पर रोक लगाने का कारण
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, NYT के पाकिस्तान और अफगानिस्तान ब्यूरो प्रमुख एलियन पेल्टियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट शिया समुदाय की नाराजगी पर आधारित थी और इसे पाकिस्तान के प्रिंट संस्करण से हटा दिया गया।
एलियन पेल्टियर ने कहा कि यह रिपोर्ट अमेरिका और अन्य देशों में प्रकाशित हुई, लेकिन पाकिस्तान में इसे संवेदनशीलता के कारण हटा दिया गया। रिपोर्ट में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच के तनाव का उल्लेख किया गया है।
NYT की रिपोर्ट में क्या है खास?
NYT ने पाकिस्तानी लेखक जिया उर रहमान की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसका शीर्षक था 'शिया एंगर इन पाकिस्तान'। इस रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं की एक बैठक बुलाई थी।
इस बैठक का उद्देश्य शिया समुदाय के गुस्से को कम करना था, ताकि शिया-सुन्नी टकराव न हो। आसिम मुनीर ने शिया clerics से बातचीत की और उन्हें धैर्य रखने के लिए कहा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है।
हालांकि, NYT ने यह भी लिखा कि पाकिस्तान के अंदर स्थिति खराब है और शिया समुदाय में नाराजगी बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया कि जब देश के अंदर ही अशांति हो, तो पाकिस्तान कैसे बाहर शांति की बात कर सकता है?
पाकिस्तान में शिया मुसलमानों की संख्या
पाकिस्तान में लगभग 35 मिलियन यानी 3.5 करोड़ शिया मुसलमान रहते हैं। हाल के समय में इस समुदाय में गुस्सा बढ़ा है, खासकर ईरान में हुई घटनाओं के कारण। ईरान के शीर्ष नेताओं और धर्मगुरुओं की हत्या के बाद पाकिस्तान के शियाओं में नाराजगी फैल गई है।
उन्होंने प्रदर्शन किए और सड़कों पर उतरे। पाकिस्तान सरकार को चिंता है कि यदि यह गुस्सा बढ़ता है, तो बड़ा टकराव हो सकता है।