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पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह का लापता होना: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद पाकिस्तान के युवा बॉक्सर कुदरतुल्लाह के अचानक लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम होटल से गायब होने के बाद, अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने जानबूझकर वापस न लौटने का निर्णय लिया। यह घटना पहले भी हुई है, जिससे पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले की जांच करे। जानें इस मामले की पूरी कहानी और क्या है इसके पीछे का सच।
 

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद बॉक्सर का गायब होना


ग्लास्गो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद, पाकिस्तान के युवा बॉक्सर कुदरतुल्लाह के अचानक लापता होने की सूचना आई है। टीम होटल से उनके गायब होने के बाद पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया है।


टीम होटल से गायब हुआ कुदरतुल्लाह

कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले कुदरतुल्लाह के टीम होटल से लापता होने की पुष्टि हुई है। पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन के सूत्रों के अनुसार, वह अपने मुकाबले के बाद बिना किसी सूचना के होटल से निकल गए। चौंकाने वाली बात यह है कि उनका पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास था, जबकि उनका बाकी सामान और व्यक्तिगत वस्तुएं होटल के कमरे में ही पाई गईं। उनकी गायब होने की सूचना टीम की निर्धारित उड़ान से लगभग छह घंटे पहले मिली, जिससे पूरे दल में हड़कंप मच गया।


पिछले मामलों की पुनरावृत्ति

कुदरतुल्लाह को आखिरी बार रविवार तड़के लगभग दो बजे होटल के कमरे में देखा गया था। जब सुबह पूरी टीम वापसी के लिए इकट्ठा हुई, तो वह वहां नहीं थे। अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने जानबूझकर टीम के साथ वापस न लौटने का निर्णय लिया। यह पहला मामला नहीं है; 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी पाकिस्तान के दो बॉक्सर्स बर्मिंघम में लापता हो गए थे। इसके अलावा, 2024 में इटली में ओलंपिक क्वालिफायर के दौरान बॉक्सर जोहेब रशीद भी विवादों के बीच गायब हो गए थे। इन घटनाओं ने टीम प्रबंधन की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाए हैं।


फेडरेशन पर बढ़ता दबाव

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं रहा, और टीम केवल एक कांस्य पदक जीत सकी। महिला बॉक्सर फातिमा जेहरा ने देश के लिए यह एकमात्र पदक जीता, लेकिन कुदरतुल्लाह के लापता होने की घटना ने इस उपलब्धि को भी overshadow कर दिया। अब पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले की जांच करे और बताए कि खिलाड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कैसे गायब हो गया।