पेरिस सेंट-जर्मेन की जीत के जश्न में हिंसा का माहौल
फुटबॉल की जीत का जश्न और उसके बाद की हिंसा
नई दिल्ली: फुटबॉल के एक प्रमुख मुकाबले में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की शानदार जीत ने लाखों प्रशंसकों को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, फ्रांस की राजधानी पेरिस के कुछ हिस्सों में जश्न का माहौल अचानक तनाव और हिंसा में बदल गया। जीत का उत्साह इतना बढ़ गया कि कई स्थानों पर भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके चलते पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। शहर के मुख्य क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
PSG की रोमांचक पेनल्टी शूटआउट जीत के बाद हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रशासन ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए कई ट्राम सेवाएं बंद कर दी थीं, कुछ मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था और कई रास्तों पर बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पहुंच गए।
चamps-Élysées पर स्थिति बिगड़ी
चैंप्स-एलिसीज पर बढ़ा तनाव
पेरिस के प्रसिद्ध चैंप्स-एलिसीज एवेन्यू पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों की ओर पटाखे और फ्लेयर्स फेंके। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से कई को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
स्टेडियम के बाहर की घटनाएं
स्टेडियम के बाहर भी हुआ बवाल
मैच के दौरान पार्क डेस प्रिंसेस स्टेडियम के बाहर भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी घायल हो गए। आसपास के कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा।
सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
संभावित उपद्रव को देखते हुए पूरे फ्रांस में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। अकेले पेरिस में लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मी निगरानी में लगे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य जश्न को शांतिपूर्ण बनाए रखना था, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
पिछले साल की घटनाओं से सबक
पिछले साल की घटनाओं से लिया गया सबक
पिछले साल भी PSG की जीत के बाद कुछ इलाकों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं। इसी वजह से इस बार दुकानदारों ने पहले से ही अपनी दुकानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम कर लिए थे। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।