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पेशावर जल्मी की जीत पर बाबर आजम का ट्रॉफी सेलिब्रेशन बना चर्चा का विषय

पाकिस्तान सुपर लीग के फाइनल में पेशावर जल्मी की जीत के बाद बाबर आजम का ट्रॉफी सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। उनके सेलिब्रेशन ने रोहित शर्मा की याद दिलाई, जिससे उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। इस विवाद ने मीम्स की बाढ़ ला दी है और यूजर्स के बीच विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जानें इस पूरे मामले के बारे में।
 

बाबर आजम की कप्तानी में पेशावर जल्मी की जीत


नई दिल्ली: आज पाकिस्तान सुपर लीग का फाइनल मुकाबला हुआ, जिसमें बाबर आजम की अगुवाई में पेशावर जल्मी ने खिताब अपने नाम किया। हालांकि, इस जीत से ज्यादा चर्चा बाबर के ट्रॉफी सेलिब्रेशन की हो रही है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कॉपी कैट कहा जा रहा है।


ट्रॉफी सेलिब्रेशन में रोहित शर्मा की याद

फाइनल के बाद एक वायरल वीडियो में बाबर आजम ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते नजर आए। उनके पोज ने कई लोगों को रोहित शर्मा की याद दिला दी। यूजर्स का कहना है कि बाबर ने इस बार भी कुछ नया नहीं किया और उन्होंने भारत को कॉपी किया है।


रोहित शर्मा की नकल पर ट्रोलिंग

पाकिस्तान को अक्सर अपनी हरकतों के कारण ट्रोल किया जाता है, लेकिन इस बार बाबर ने हद कर दी। वह न केवल खेल में बल्कि सेलिब्रेशन में भी भारत की नकल कर रहे हैं।


बाबर के सेलिब्रेशन ने लोगों को रोहित शर्मा के उस प्रसिद्ध जश्न की याद दिला दी, जो उन्होंने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद मनाया था। इसके बाद दोनों के अंदाज की तुलना शुरू हो गई और वीडियो तेजी से वायरल हो गया।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं


वीडियो के सामने आने के बाद यूजर्स ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे सीधी नकल बताते हुए बाबर को ट्रोल किया, जबकि कुछ ने इसे महज इत्तेफाक बताया। कई कमेंट्स में मजाकिया अंदाज में लिखा गया कि अब क्रिकेट में जश्न भी 'कॉपी' होने लगे हैं।


मीम्स की बाढ़

इस विवाद ने सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला दी। कुछ ही घंटों में मीम्स और एडिटेड वीडियो वायरल हो गए। हर प्लेटफॉर्म पर इसी विषय पर चर्चा हो रही है, जहां लोग अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।


फैंस के दो दृष्टिकोण

जहां एक वर्ग बाबर के जश्न को रोहित शर्मा से प्रेरित मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बता रहा है। उनके अनुसार, खेल के दौरान ऐसे जश्न कई बार अनजाने में एक जैसे हो जाते हैं और इसे विवाद का रूप देना उचित नहीं है।