फीफा वर्ल्ड कप 2026: महंगे टिकटों और यात्रा की चुनौतियों से परेशान फैंस
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन जून से जुलाई के बीच होगा। यह पहली बार है जब यह टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में एक साथ आयोजित किया जाएगा। इस बार 48 टीमें भाग लेंगी, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट बनाती है।
टिकटों की कीमतों में वृद्धि
फैंस को उम्मीद थी कि अधिक टीमों और मैचों (कुल 104 मैच) के कारण टिकटों की कीमतें कम होंगी, लेकिन दिसंबर 2025 में टिकट बिक्री शुरू होने पर कीमतें आसमान छू गईं। 2022 के कतर वर्ल्ड कप की तुलना में अब टिकट की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं।
ग्रुप स्टेज के सामान्य मैचों के लिए सबसे सस्ते टिकट अब 200 डॉलर से शुरू होते हैं, जबकि कतर में ये 11-70 डॉलर के बीच थे। फाइनल के टिकट की कीमत 2000 से बढ़कर 8680 डॉलर तक पहुंच गई है। फैंस को अपनी टीम का समर्थन करने के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ रही है।
फैंस का गुस्सा और आरोप
यूरोप के फुटबॉल समर्थक समूहों ने इसे 'मॉन्यूमेंटल बेट्रेयल' और 'एक्सटॉर्शनेट' करार दिया है। उन्होंने टिकट बिक्री को रोकने की मांग की है। फैंस का कहना है कि पहले सस्ते टिकट (21 डॉलर से शुरू) का वादा किया गया था, लेकिन अब कीमतें 5-10 गुना बढ़ गई हैं। फीफा पर 'लूट' का आरोप लगाया गया है।
फीफा का जवाब और सपोर्टर टियर
फीफा ने इस बैकलैश के बाद दिसंबर 2025 में नया 'सपोर्टर एंट्री टियर' पेश किया। इस योजना के तहत, हर मैच के लिए 60 डॉलर के कुछ टिकट योग्य टीमों के फैंस को दिए जाएंगे, लेकिन ये टिकट सीमित संख्या में होंगे (प्रति टीम के लिए केवल 10% आवंटन)।
फीफा का कहना है कि इससे होने वाली कमाई का उपयोग फुटबॉल को कम विकसित देशों में बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, लेकिन टीवी राइट्स से होने वाली कमाई की तुलना में टिकटों से होने वाली कमाई बहुत कम है।
तीन देशों में यात्रा की चुनौतियाँ
वर्ल्ड कप तीन अलग-अलग देशों में फैला हुआ है, जिससे फैंस को अपनी टीम के मैच देखने के लिए विभिन्न शहरों और देशों में यात्रा करनी होगी। इससे होटल, यात्रा और अन्य खर्चों में वृद्धि होगी। कई फैंस इसे महंगा मानकर मैच देखने से परहेज कर सकते हैं।
इससे स्टेडियम में दर्शकों की संख्या कम हो सकती है और फीफा की कमाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फीफा का 48 टीमों का निर्णय अच्छा था, लेकिन महंगे टिकटों और यात्रा की चुनौतियों के कारण यह खुद के लिए भारी पड़ सकता है।