फीफा विश्व कप 2026: रेफरी विल्टन सैम्पायो की निर्णायक भूमिका
नई दिल्ली में फीफा विश्व कप 2026 का उद्घाटन
नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के पहले मैच में ब्राजील के रेफरी विल्टन सैम्पायो ने अचानक सभी का ध्यान आकर्षित किया। मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए इस मुकाबले में उन्होंने तीन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए, जिससे उनका नाम खेल जगत और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
मेक्सिको की जीत और रेफरी के फैसले
मेक्सिको ने एस्टाडियो एज्टेका में दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की। जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने मेक्सिको के लिए गोल किए। हालांकि, मैच के बाद खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा रेफरी विल्टन सैम्पायो के निर्णयों की हुई।
सैम्पायो के महत्वपूर्ण निर्णय
मैच के दौरान, सैम्पायो ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिन्होंने खेल की दिशा को बदल दिया। दूसरे हाफ में, दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी स्फेफेलो सिथोले को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान थेम्बा जवाने को भी मैदान से बाहर भेज दिया गया।
दिलचस्प बात यह है कि प्रारंभ में सैम्पायो ने इस घटना पर कोई फाउल नहीं दिया था। लेकिन VAR के हस्तक्षेप के बाद, उन्होंने फुटेज की समीक्षा की और रेड कार्ड का निर्णय लिया। इसके परिणामस्वरूप, दक्षिण अफ्रीका को नौ खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
मैच के अंतिम क्षणों में घटनाक्रम
मैच के अंतिम क्षणों में, मेक्सिको के सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खुलिसो मुदाऊ को रोकने का प्रयास किया। इस प्रकार, मुकाबले में कुल तीन रेड कार्ड दिखाए गए और मैच का अंत दक्षिण अफ्रीका के नौ तथा मेक्सिको के दस खिलाड़ियों के साथ हुआ।
सैम्पायो की पहचान और अनुभव
विल्टन सैम्पायो को 2013 में फीफा रेफरी का दर्जा प्राप्त हुआ था। उन्होंने कोपा अमेरिका, फीफा क्लब विश्व कप और पिछले दो फीफा विश्व कप में भी रेफरी की भूमिका निभाई है। सख्त निर्णय लेने के लिए जाने जाने वाले सैम्पायो ने एक बार फिर अपने फैसलों से सुर्खियां बटोरी हैं।
यह पहली बार नहीं है जब विश्व कप के उद्घाटन मैच में तीन रेड कार्ड दिखाए गए हैं; इससे पहले 1998 में भी ऐसा हुआ था जब दक्षिण अफ्रीका और डेनमार्क के बीच मुकाबले में तीन रेड कार्ड दिखाए गए थे।