बिहार की क्रिकेट टीम की मांग पर मुख्यमंत्री का समर्थन
आईपीएल में बिहार की अनुपस्थिति
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 क्रिकेट की सबसे प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जो विश्व की सबसे महंगी लीग भी मानी जाती है। इस लीग में विभिन्न राज्यों की टीमें शामिल हैं, जैसे कि मुंबई इंडियंस (महाराष्ट्र), कोलकाता नाइट राइडर्स (पश्चिम बंगाल), राजस्थान रॉयल्स (राजस्थान), लखनऊ सुपर जायंट्स (उत्तर प्रदेश), गुजरात टाइटंस (गुजरात), दिल्ली कैपिटल्स (दिल्ली), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (कर्नाटक), सनराइजर्स हैदराबाद (तेलंगाना), पंजाब किंग्स (पंजाब), और चेन्नई सुपर किंग्स (तमिलनाडु)। हालांकि, बिहार की कोई टीम इस लीग में शामिल नहीं है।
बिहार के खिलाड़ियों की भागीदारी
हालांकि बिहार की कोई टीम आईपीएल में नहीं है, लेकिन बिहार से जुड़े कई खिलाड़ी विभिन्न टीमों का हिस्सा हैं। आईपीएल 2026 में बिहार के वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स, ईशान किशन और साकिब हुसैन सनराइजर्स हैदराबाद, और मुकेश कुमार दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलेंगे। लंबे समय से बिहार में एक टीम की आवश्यकता की मांग उठती रही है, और हाल ही में सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को फिर से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री का समर्थन
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर प्रदान करने के लिए 'मिशन मोड' में कार्य कर रही है। चौधरी ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, "बिहार सरकार स्पष्ट दृष्टिकोण और मिशन के साथ क्रिकेट के विकास की दिशा में काम कर रही है। बिहार की क्रिकेट टीम के संबंध में निश्चित रूप से एक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।"
खेल बुनियादी ढांचे में सुधार
राज्य सरकार खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। राजगीर में लगभग 40,000 दर्शकों की क्षमता वाला एक नया अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसके अलावा, पटना के ऐतिहासिक मोइन-उल-हक स्टेडियम के नवीनीकरण की योजना भी बनाई जा रही है। राजगीर क्रिकेट स्टेडियम को बिहार के खेल बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।