बेन स्टोक्स ने क्रिकेट करियर के बाद की योजनाओं का किया खुलासा
बेन स्टोक्स का भविष्य की योजनाओं पर बयान
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने क्रिकेट करियर के बाद की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, स्टोक्स अब अपने भविष्य की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले से ही कोचिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और खेल के साथ जुड़े रहना चाहते हैं। उनका सपना है कि वह एक दिन इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच बनें। इसके साथ ही, उन्होंने जो रूट की कप्तानी पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
कोचिंग की दिशा में कदम बढ़ाते स्टोक्स
स्टोक्स ने कहा कि वह खेल के दौरान ही लेवल थ्री कोचिंग कोर्स पूरा कर रहे हैं। उनका मानना है कि संन्यास के बाद वह पूरी तरह से कोचिंग के क्षेत्र में उतरना चाहते हैं। स्टोक्स के अनुसार, क्रिकेट से उनका संबंध हमेशा बना रहेगा और वह नेतृत्व की भूमिका में टीम के साथ काम करना चाहते हैं।
इंग्लैंड टीम के मुख्य कोच बनने की इच्छा
स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि उनका बड़ा लक्ष्य भविष्य में इंग्लैंड क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनना है। उनका मानना है कि मैदान के बाहर नेतृत्व करना भी उतना ही चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक होता है। इसी सोच के साथ, वह अब से नई जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
जो रूट की कप्तानी पर प्रतिक्रिया
स्टोक्स ने जो रूट को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उप-कप्तान हैरी ब्रूक को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जो रूट को टीम का नेतृत्व सौंपा गया, जो कि उनके लिए आश्चर्यजनक था। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि टीम प्रबंधन के फैसले के पीछे अपनी सोच और तर्क हो सकते हैं।
रूट के लिए चिंता व्यक्त की
पूर्व कप्तान ने कहा कि जो रूट हमेशा टीम को अपनी प्राथमिकता बनाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कप्तानी का दबाव बहुत बड़ा होता है और वह नहीं चाहते कि रूट को फिर वही समस्याएं झेलनी पड़ें जो उनके पहले कार्यकाल में आई थीं। फिर भी, उन्होंने रूट की सफलता की कामना की।
नई भूमिका की ओर बढ़ते कदम
स्टोक्स का मानना है कि एक खिलाड़ी के अनुभव का सबसे अच्छा उपयोग कोचिंग के माध्यम से किया जा सकता है। इसलिए, वह अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि सही समय आने पर वह इंग्लैंड क्रिकेट को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।