भारत और कतर 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिए प्रमुख दावेदार
भारत की मेज़बानी की दावेदारी
नई दिल्ली. भारत में खेलों के महाकुंभ का आयोजन देखने की ख्वाहिश करोड़ों भारतीयों की है। इस दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही है। हाल ही में, भारत और कतर ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने इस बात की पुष्टि की है कि ये दोनों देश उन सात दावेदारों में शामिल हैं जो इस मेज़बानी की दौड़ में हैं।
जानकारी के अनुसार, भारत और कतर मेज़बानी की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। IOC का उद्देश्य 2029 में अपने 100 से अधिक सदस्यों के मतदान के माध्यम से मेज़बान देश का चयन करना है। इन सदस्यों में भारत की प्रमुख व्यवसायी नीता अंबानी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी भी शामिल हैं। इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, हंगरी और तुर्की भी मेज़बानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
IOC ने बताया कि इन सभी देशों के साथ ओलंपिक की मेज़बानी पर चर्चा चल रही है, जिसमें 2040 और 2044 के ओलंपिक भी संभावित लक्ष्य हैं। IOC की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने कहा, "ओलंपिक खेलों का आयोजन चाहे किसी भी देश में हो, एक बात हमेशा सुनिश्चित होनी चाहिए कि एथलीट हमारे केंद्र में हों।"
IOC ने सभी राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों को 2036 की दौड़ में शामिल होने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है। समिति ने संभावित मेज़बानों के लिए 30 पन्नों का एक दस्तावेज भी जारी किया है।
भारत की बोली का केंद्र
भारत की दावेदारी का मुख्य केंद्र अहमदाबाद है, जो 2030 में बहु-खेल कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा। हाल के वर्षों में, भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ी है। इस प्रकार, भारत को ओलंपिक की मेज़बानी के लिए एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।