भारत ने एशियन गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में जीते दो मेडल
भारत का शानदार प्रदर्शन
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस इवेंट में भारत ने दो पदक जीते हैं। यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यशवीर ने 85.72 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं, रोहित यादव ने 84.35 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गोल्ड मेडल विजेता
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने यह दूरी अपने अंतिम प्रयास में हासिल की। पाकिस्तान के अरशद नदीम 80.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।
यशवीर का अंतिम प्रयास
आखिरी थ्रो में यशवीर ने पलटा खेल
यशवीर ने प्रतियोगिता की शुरुआत 83.56 मीटर के थ्रो से की और पूरे इवेंट में टॉप-3 में बने रहे। फाइनल राउंड से पहले वह तीसरे स्थान पर थे। अंतिम प्रयास में उन्होंने 85.72 मीटर का थ्रो कर अपना व्यक्तिगत रिकॉर्ड बेहतर किया और सिल्वर मेडल पर कब्जा कर लिया। इस थ्रो ने उन्हें सीधे दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।
रोहित का मेडल पक्का करना
रोहित ने तीसरे प्रयास में पक्का किया मेडल
रोहित यादव ने 77.25 मीटर के थ्रो से शुरुआत की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.40 मीटर और तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के चलते उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, उनका अंतिम प्रयास फाउल रहा, लेकिन तीसरे प्रयास में हासिल की गई 84.35 मीटर की दूरी उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त थी। इस प्रकार भारत ने एक ही इवेंट में सिल्वर और ब्रॉन्ज दोनों पदक जीते।
पथिरागे का गोल्ड जीतना
पथिरागे ने आखिरी प्रयास में जीता गोल्ड
पथिरागे ने 73.53 मीटर के थ्रो से शुरुआत की। चौथे प्रयास में उन्होंने 88.33 मीटर का थ्रो कर बढ़त बनाई। इसके बाद, अंतिम प्रयास में 88.55 मीटर भाला फेंककर उन्होंने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया।
भारत के पदक
जैवलिन में डबल पोडियम के साथ भारत के एशियन गेम्स पदकों की संख्या 45 हो गई है, जिसमें चार गोल्ड, 20 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत इस समय पदक तालिका में 12वें स्थान पर है। एथलेटिक्स ने अब तक भारत के खाते में कुल 19 पदक जोड़े हैं।