भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया
भारत का चौथा स्थान और 114 मेडल
जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 114 मेडल के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय एथलीट्स ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीते। पैरा एथलेटिक्स में भारत ने सबसे अधिक मेडल प्राप्त किए, जिसमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन में भारत को 3 स्वर्ण, 5 रजत और 8 कांस्य पदक मिले।
अन्य खेलों में भारत का प्रदर्शन
पैरा तैराकी में भारत ने 11 मेडल, पैरा तीरंदाजी में 6 और पैरा निशानेबाजी में 5 मेडल जीते। इसके अलावा, भारतीय दल ने पैरा टेबल टेनिस में 7 मेडल जीते। पैरा जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी भारत ने 2-2 मेडल अपने नाम किए। पिछले एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 108 मेडल जीते थे, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए कुछ विश्व रिकॉर्ड भी बनाए।
मोना अग्रवाल का विश्व रिकॉर्ड
भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने विमेंस 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 357.5 अंक प्राप्त कर आइची-नागोया गेम्स में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले, उन्होंने विमेंस 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता था। मोना ने स्वीडन की अन्ना बेंसन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 356 अंक बनाए थे।
संदीप का 400 मीटर T64 में कमाल
संदीप ने मेंस 400 मीटर T64 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 52.28 सेकंड का समय निकालकर अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर किया। सऊदी अरब के नूर अलसाना ने 53.13 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता, जबकि भारत के अजय कुमार ने 53.61 सेकंड में कांस्य पदक प्राप्त किया।
हनी का जैवलिन थ्रो में शानदार प्रदर्शन
हनी ने मेंस जैवलिन थ्रो F37/38 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 60.49 मीटर की थ्रो फेंकी, जिससे उन्हें 1,116 Raza पॉइंट्स मिले। इस स्कोरिंग प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रकार की शारीरिक अक्षमता वाले एथलीट्स एक साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।