भारत में डोपिंग मामलों की बढ़ती संख्या पर खेल मंत्री का बयान
डोपिंग मामलों का खुलासा
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि इस वर्ष 15 जुलाई तक भारत में डोपिंग के 78 मामले सामने आए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब में सबसे अधिक 13-13 मामले दर्ज किए गए हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पिछले तीन वर्षों में प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉजिटिव पाए गए खिलाड़ियों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में मांडविया ने बताया कि 2026 में डोपिंग के 78 मामले दर्ज हुए हैं।
डोपिंग के मामलों में गिरावट
मांडविया ने कहा, 'नेशनल एंटी-डोपिंग नियम 2021 के तहत इन खिलाड़ियों पर खेल गतिविधियों से प्रतिबंध लगा दिया गया है।' डोपिंग के मामलों में उत्तर प्रदेश और पंजाब के बाद मध्य प्रदेश का स्थान है, जहां 11 मामले दर्ज हुए हैं। कर्नाटक इस सूची में चौथे स्थान पर है, जहां नौ मामले सामने आए हैं।
डोपिंग मामलों में साल दर साल बदलाव
मनसुख मांडविया ने बताया कि 2023 में भारत में डोपिंग के 213 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 में बढ़कर 260 हो गए। इसके बाद 2025 में यह संख्या घटकर 131 रह गई। अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय और सिक्किम के खिलाड़ियों को डोपिंग का दोषी नहीं पाया गया। खेल मंत्री ने कहा कि डोपिंग से बचने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें खिलाड़ियों में जागरूकता लाना, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है।
सरकार के जागरूकता कार्यक्रम
उन्होंने कहा, 'सरकार वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड फॉर एजुकेशन के तहत NADA के माध्यम से एंटी-डोपिंग के बारे में एक व्यापक और निरंतर जागरूकता कार्यक्रम लागू कर रही है।' मांडविया ने आगे कहा, 'NADA खिलाड़ियों, कोचों, और अन्य संबंधित लोगों के लिए सेमिनार, वर्कशॉप, वेबिनार, ई-लर्निंग, डिजिटल कैंपेन, आउटरीच प्रोग्राम और 'प्ले ट्रू कैंपेन' के जरिए पूरे वर्ष शिक्षा और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां चलाता है।'