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भारतीय क्रिकेट टीम में शुभदीप घोष की नई भूमिका

भारतीय क्रिकेट टीम में फील्डिंग को मजबूत करने के लिए बीसीसीआई शुभदीप घोष को सीनियर टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल करने की योजना बना रहा है। शुभदीप घोष, जो असम के पूर्व क्रिकेटर हैं, को फील्डिंग विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उनके पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और उन्होंने कई टीमों के साथ काम किया है। जानें उनके क्रिकेट करियर और कोचिंग शैली के बारे में।
 

फील्डिंग को मजबूत करने की दिशा में कदम


भारतीय क्रिकेट टीम की फील्डिंग को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बीसीसीआई जल्द ही असम के पूर्व क्रिकेटर शुभदीप घोष को सीनियर टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल करने की योजना बना रहा है। उन्हें फील्डिंग विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।


गौतम गंभीर की टीम में शुभदीप घोष का चयन

सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई ने टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया है। इसके चलते शुभदीप घोष को सीनियर टीम के फील्डिंग सेटअप में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। हाल के समय में भारतीय टीम की फील्डिंग पर कई सवाल उठे हैं। कई महत्वपूर्ण मैचों में आसान कैच छूट गए, ग्राउंड फील्डिंग में गलतियां हुईं और स्लिप में भी मौके गंवाए गए। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर एक विशेषज्ञ की तलाश में हैं जो खिलाड़ियों की तकनीक पर काम कर सके और मैदान पर गलतियों को कम करने में मदद कर सके। यही कारण है कि शुभदीप घोष का नाम सबसे आगे है।


घरेलू क्रिकेट से NCA तक का सफर

57 वर्षीय शुभदीप घोष असम के डिगबोई के निवासी हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्हें 'जॉय' के नाम से जाना जाता था। उन्होंने 1994 से 2005 के बीच असम और रेलवे के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट खेला। उनकी पहचान तेज फील्डिंग और फिटनेस के लिए रही है। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग का मार्ग चुना और पिछले कई वर्षों से नेशनल क्रिकेट एकेडमी, जिसे अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कहा जाता है, में खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं। युवा खिलाड़ियों की फील्डिंग और फिटनेस पर उनका विशेष ध्यान रहता है।


IPL और महिला टीम में महत्वपूर्ण भूमिका

शुभदीप घोष के पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट का भी अच्छा अनुभव है। वह 2014 में IPL चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स में फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी निभाई। 2021 में, उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी काम किया। इसके अतिरिक्त, इंडिया ए और अंडर-19 टीमों के साथ भी उनकी भूमिका रही है। उनकी कोचिंग शैली में लगातार अभ्यास, तेज प्रतिक्रिया और स्पष्ट तकनीक पर जोर दिया जाता है।