×

भारतीय टीम ने किंग्स कप सेपक टकरा में जीता कांस्य पदक

भारतीय टीम ने थाईलैंड में आयोजित किंग्स कप सेपक टकरा चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में मेज़बान थाईलैंड के खिलाफ मुकाबला हुआ, जिसमें भारत ने पहले सेट में बढ़त बनाई, लेकिन अंततः हार गई। इस उपलब्धि को 2026 एशियन गेम्स से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानें सेपक टकरा खेल के बारे में और किंग्स कप की ऐतिहासिक परंपरा के बारे में।
 

किंग्स कप सेपक टकरा में भारत की सफलता

थाईलैंड में आयोजित किंग्स कप सेपक टकरा चैम्पियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। मेंस क्वाड्रेंट वर्ग में भारत ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे मेज़बान थाईलैंड के खिलाफ तीन सेट में हार का सामना करना पड़ा। अंतिम चार में पहुँचने के कारण भारत का पदक पहले से ही सुनिश्चित हो चुका था। 2026 एशियन गेम्स से पहले यह उपलब्धि भारतीय टीम के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


सेमीफाइनल में भारत की शानदार शुरुआत

सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने पहले सेट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाते हुए सेट 15-9 से अपने नाम किया। इस शुरुआती बढ़त ने भारत के फाइनल में पहुँचने की उम्मीदों को बढ़ा दिया। हालांकि, इसके बाद मेज़बान टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दूसरे सेट में थाईलैंड ने 15-9 से जीत हासिल कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।


निर्णायक सेट में थाईलैंड की जीत

तीसरे और निर्णायक सेट में थाईलैंड ने अपनी लय बनाए रखी। मेज़बान खिलाड़ियों ने 15-9 से सेट जीतकर फाइनल में जगह बना ली। भारत को 15-9, 9-15, 9-15 के स्कोर से हार का सामना करना पड़ा। फाइनल में पहुँचने में असफल रहने के बावजूद, सेमीफाइनल में पहुँचने के कारण टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का जश्न सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।


सेपक टकरा खेल की जानकारी

सेपक टकरा दक्षिण-पूर्व एशिया में एक लोकप्रिय खेल है, जबकि भारत में इसकी पहचान अभी सीमित है। इसे वॉलीबॉल और फुटबॉल का मिश्रण माना जा सकता है। खिलाड़ी गेंद को नेट के दूसरी ओर पहुँचाने के लिए पैर, सिर और घुटनों का उपयोग करते हैं, जबकि हाथों का प्रयोग नहीं किया जाता। रेगु मुकाबले में तीन खिलाड़ी और क्वाड्रेंट वर्ग में चार खिलाड़ी एक टीम का हिस्सा होते हैं। खेल में तेज किक और हवा में कलाबाजी दर्शकों को आकर्षित करती है।


किंग्स कप की ऐतिहासिक परंपरा

किंग्स कप सेपक टकरा के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में से एक है। इसकी शुरुआत 1985 में बैंकॉक में हुई थी। पहले संस्करण में मलेशिया ने खिताब जीता और 1988 में भी ट्रॉफी अपने नाम की। इसके बाद थाईलैंड ने इस प्रतियोगिता में मजबूत पकड़ बना ली। यह प्रतियोगिता दुनिया की शीर्ष टीमों के बीच होती है और खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तर का मंच प्रदान करती है।


भारत की एशियन चैम्पियनशिप में सफलता

किंग्स कप से पहले भी भारतीय टीम ने इस वर्ष बड़ी सफलता हासिल की थी। मई में जापान के नागोया में एशिया सेपक टकरा चैम्पियनशिप के मेंस क्वाड्रेंट फाइनल में भारत ने जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने ग्रुप चरण में मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराया और सेमीफाइनल में थाईलैंड को सीधे सेटों में मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।