भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर मनप्रीत सिंह का नया रिकॉर्ड बनाया
भारतीय टीम की शानदार जीत
रॉटरडैम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने FIH हॉकी प्रो लीग 2025-26 में विश्व चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराकर एक अद्भुत जीत दर्ज की। यह जीत केवल तीन अंक के लिए नहीं थी, बल्कि इस मैच में मनप्रीत सिंह ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो भारतीय हॉकी के इतिहास में अमिट रहेगा।
भारत का दबदबा
भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और जर्मनी को कोई मौका नहीं दिया। सातवें मिनट में मनदीप सिंह ने गोल के सामने तेजी से मुड़कर गेंद को जाल में डालकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 13वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने जर्मन गोलकीपर को छकाते हुए एक शानदार गोल किया, जिससे स्कोर 2-0 हो गया। पहले क्वार्टर में दो गोल करना भारत की तैयारी और आत्मविश्वास का प्रमाण था। जर्मनी ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए वापसी की कोशिश की, लेकिन अमित रोहिदास और गोलकीपर मोहित ने हर प्रयास को विफल कर दिया।
जर्मनी की चुनौती
दूसरे हाफ में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। 35वें मिनट में नीलाकांत शर्मा ने शानदार रन लगाते हुए जर्मन खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया, जिससे स्कोर 3-0 हो गया। जर्मनी ने हार नहीं मानी और 45वें मिनट में राफेल हार्टकोफ ने एक गोल करके स्कोर 3-1 किया। अंतिम क्वार्टर में जर्मनी ने जोरदार वापसी की कोशिश की और 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को मजबूती से रोका और जीत सुनिश्चित की।
मनप्रीत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस मैच की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल जीत नहीं थी, बल्कि मनप्रीत सिंह का वह ऐतिहासिक क्षण भी था, जो भारतीय हॉकी में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। मनप्रीत ने इस मैच के साथ अपने 413 इंटरनेशनल मैच पूरे किए और दिलीप टिर्की के 412 मैचों का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब वे भारत के सबसे अधिक इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं और विश्व स्तर पर पुरुष हॉकी खिलाड़ियों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। हार्दिक सिंह को उनके उत्कृष्ट मिडफील्ड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।