भारतीय फुटबॉल को झटका: जमशेदपुर FC ने ISL से हटने का लिया फैसला
भारतीय फुटबॉल में बड़ा संकट
भारतीय फुटबॉल को एक गंभीर झटका तब लगा जब जमशेदपुर FC ने अगले सीजन से इंडियन सुपर लीग में भाग न लेने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद, भारतीय फुटबॉल के स्टार खिलाड़ी सुनील छेत्री ने टाटा ग्रुप से पुनर्विचार करने की अपील की, यह कहते हुए कि यह केवल एक क्लब नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की पहचान है।
सुनील छेत्री की भावुक अपील
जमशेदपुर FC के ISL छोड़ने के निर्णय के बाद, सुनील छेत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप ने भारतीय फुटबॉल को कई वर्षों तक समर्थन दिया है और उनका इस समय पीछे हटना खेल के लिए हानिकारक होगा। छेत्री ने कहा कि व्यवसायिक निर्णय अपनी जगह सही हो सकते हैं, लेकिन कभी-कभी दिल की बात भी सुननी चाहिए। उन्होंने टाटा ग्रुप से अनुरोध किया कि वे अपने निर्णय पर दोबारा विचार करें, क्योंकि भारतीय फुटबॉल को अभी भी उनके सहयोग की आवश्यकता है।
It takes a lot to be a stakeholder in Indian football. It has been like that for some time now. But when everything around looks like it will crumble, you bank on family to hold on to each other. And more often than not, it is the elders in the house that you turn to, for…
— Sunil Chhetri (@chetrisunil11) August 2, 2026
जमशेदपुर FC के निर्णय से खिलाड़ियों में निराशा
जमशेदपुर FC ने यह घोषणा की है कि वह 2026-27 सीजन से इंडियन सुपर लीग में भाग नहीं लेगी और मौजूदा डूरंड कप के बाद अपनी पहली टीम का संचालन बंद कर देगी। क्लब समय सीमा के भीतर लीग में खेलने की फीस जमा नहीं कर सका, जिससे खिलाड़ियों और टीम स्टाफ में निराशा फैल गई है। डिफेंडर प्रतीक चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर टाटा ग्रुप से क्लब को बचाने की अपील की। खिलाड़ियों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए अचानक था और इससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
🚨 APPEAL TO TATA GROUP
— The Khel India (@TheKhelIndia) August 2, 2026
Jamshedpur players urge Tata Group to reconsider its decision of withdrawing from ISL, warning it may harm Indian football’s future.
They call Jamshedpur FC the city’s football heart and a hope for many young players. pic.twitter.com/o08lFNRRMg
भारतीय फुटबॉल के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण
जमशेदपुर FC पिछले नौ वर्षों से इंडियन सुपर लीग का हिस्सा रही है और इस दौरान उसने भारतीय फुटबॉल में एक मजबूत पहचान बनाई है। क्लब ने स्पष्ट किया है कि वह ग्रासरूट स्तर पर फुटबॉल का समर्थन जारी रखेगा, लेकिन पहली टीम को बंद करने का निर्णय स्थायी रहेगा। दूसरी ओर, AIFF ने सभी ISL क्लबों के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी थी। अन्य 13 क्लबों ने समय पर फीस जमा कर दी, लेकिन जमशेदपुर FC ऐसा नहीं कर सका। अब 4 सितंबर से शुरू होने वाले नए ISL सीजन में एक टीम कम होगी, जो भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।