भारतीय महिला हॉकी टीम का वर्ल्ड कप 2026 में चीन के खिलाफ पहला मुकाबला
भारतीय महिला हॉकी टीम की शुरुआत
भारतीय महिला हॉकी टीम 2026 के वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत रविवार, 16 अगस्त को करेगी। पहले मैच में उनका सामना चीन की टीम से होगा, जो पेरिस ओलंपिक 2024 की रजत पदक विजेता है और वर्तमान में विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर है। वहीं, भारतीय टीम, जिसका नेतृत्व सलीमा टेटे कर रही हैं, 9वें स्थान पर है। यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगले महीने एशियन गेम्स में भी उनका सामना चीन से होगा। आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम इस मैच में अच्छा प्रदर्शन कर अपने मनोबल को ऊंचा करना चाहती है।
भारत का ग्रुप-डी में कठिन सफर
भारत को ग्रुप-डी में चीन के अलावा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी खेलना है। इसे वर्ल्ड कप का सबसे चुनौतीपूर्ण ग्रुप माना जा रहा है। नए प्रारूप में खेले जा रहे इस वर्ल्ड कप में हर मैच का महत्व है। भारतीय टीम ने यूरोपीय परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिए पहले ही यहां पहुंचकर कड़े अभ्यास सत्रों में भाग लिया है और नीदरलैंड्स के खिलाफ एक अभ्यास मैच भी खेला। भारत का वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में हुआ था, जब अजिंदर कौर की अगुवाई में टीम चौथे स्थान पर रही थी।
11 खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड कप अनुभव
भारतीय टीम अब तक 15 वर्ल्ड कप में से केवल 8 में भाग ले चुकी है, और 2022 में 9वें स्थान पर रही थी। इस बार सलीमा टेटे की कप्तानी में 11 खिलाड़ियों के लिए यह पहला वर्ल्ड कप होगा, लेकिन टीम में अनुभव की कमी नहीं है। गोलकीपर सविता, जो तीन वर्ल्ड कप, दो ओलंपिक और तीन एशियन गेम्स का हिस्सा रह चुकी हैं, 313 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ इस टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। डिफेंडर सुशीला चानू के 262 मैच हैं, जबकि नवनीत कौर (211), निक्की प्रधान (207) और नेहा गोयल (202) भी 200 से अधिक मैच खेल चुकी हैं।
सविता का आत्मविश्वास
सविता ने मैच से पहले कहा, 'टोक्यो ओलंपिक 2020 में मेडल के करीब पहुंचकर चूकने का दुख आज भी है। इस बार हम कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। चाहे कोई हमसे उम्मीद करे या नहीं, लेकिन हमें खुद से बहुत उम्मीदें हैं और हम पोडियम पर पहुंचना चाहते हैं।'
भारत की हालिया फॉर्म
पिछले एक साल में भारतीय टीम ने तीन बड़े टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड में FIH नेशंस कप में खिताबी जीत ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है। ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने चोट से उबरने के बाद शानदार फॉर्म में वापसी करते हुए टूर्नामेंट में 6 गोल किए। एशिया कप में भी टीम का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। इसके बाद हैदराबाद में वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारतीय टीम ने 3 जीत और 1 ड्रॉ के साथ फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, फाइनल में इंग्लैंड से 0-2 से हार गई, लेकिन वर्ल्ड कप का टिकट हासिल कर लिया। स्ट्राइकर नवनीत कौर पर एक बार फिर बड़ा दारोमदार होगा।
कोच का विश्वास
कोच शोर्ड मारिन को विश्वास है कि उनकी टीम सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी और चुनौतियों का सामना करेगी। उन्होंने कहा, 'हम वर्ल्ड कप को FIH नेशंस कप के बाद अगला कदम मानते हैं। यह टीम आत्मविश्वास से भरी है और आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।'
टीम की फिटनेस में सुधार
मारिन के साथ अनुभवी सहयोगी स्टाफ, जिसमें वेन लोम्बार्ड (एथलीट परफार्मेंस प्रमुख), मथियास विला (विश्लेषण कोच), ताइके ताकेमा (ड्रैग फ्लिक सलाहकार) शामिल हैं, ने भारतीय टीम की फिटनेस में काफी सुधार किया है। दूसरी ओर, चीन ने पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने के अलावा पिछले दो प्रो-लीग सीजन में चौथा स्थान हासिल किया है। चीन के चमत्कारिक प्रदर्शन का श्रेय एलिसन अन्नान को जाता है, जो छह बार FIH की बेस्ट कोच रह चुकी हैं। भारतीय टीम के लिए चुनौती आसान नहीं होगी, लेकिन चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से उनका मनोबल बढ़ेगा, जो एशियन गेम्स के लिए भी उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकता है।