भारतीय हॉकी टीम का वर्ल्ड कप 2026 में संघर्ष: जीत की उम्मीदें कम
भारतीय टीम का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2026 के वर्ल्ड कप में 51 साल का सूखा समाप्त करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि इस बार भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ सकता है। भारत ने टूर्नामेंट के पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी, जबकि वेल्स की रैंकिंग भारत से नीचे है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम की असली चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ थी, जिसमें वह पूरी तरह से असफल रही।
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। पहले हाफ में हरमनप्रीत (16वें मिनट) और दिलप्रीत सिंह (24वें मिनट) ने गोल करके भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई, लेकिन टीम यह बढ़त बनाए रखने में असफल रही और दूसरे हाफ में तीन गोल खाकर मैच हार गई। अब भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है, जो आज (19 अगस्त) शाम 6:30 बजे होगा। यदि भारतीय टीम इस मैच में जीत भी जाती है, तो भी उसकी मेडल की उम्मीदें नहीं बढ़ेंगी।
मेडल की उम्मीदें और चुनौती
मेडल के लिए बड़ी टीमों का हराना जरूरी
भारत को दूसरे राउंड में पहुंचने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ केवल ड्रॉ की आवश्यकता है। पाकिस्तान की वर्तमान टीम को देखते हुए, यह मुकाबला भारत के लिए अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है। हाल ही में, भारतीय टीम ने प्रो-लीग के यूरोप चरण में पाकिस्तान को दो बार हराया था। पिछले एक दशक में, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई मैच नहीं हारा है। हरमनप्रीत की टीम इस सिलसिले को बनाए रखते हुए अगले राउंड में प्रवेश करना चाहेगी, लेकिन उसे मेडल के लिए उच्च रैंकिंग वाली टीमों को हराना होगा।
दूसरे राउंड में भारत को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीमों का सामना करना पड़ सकता है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए इन दोनों मैचों को हर हाल में जीतना आवश्यक है। यदि टीम इंडिया इनमें से एक भी मैच हार जाती है, तो उसके लिए आगे बढ़ने के रास्ते बंद हो जाएंगे।
भारतीय टीम की कमजोरियां
कहां कमजोर पड़ रही है भारतीय टीम?
भारतीय टीम जरूरत से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर (PC) पर निर्भर है। फील्ड गोल बनाने में असफलता के कारण, भारत ने इस वर्ल्ड कप में 5 गोल किए हैं, और ये सभी गोल PC पर आए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 4 PC मिले थे, जिनमें से केवल 2 को ही गोल में बदला जा सका। भारत को आगे बढ़ने के लिए इस गलती को नहीं दोहराना होगा और फील्ड गोल के मौके भी बनाने होंगे।
मनदीप सिंह, अभिषेक नैन, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह को टॉप टीमों के खिलाफ बेहतर मौके बनाने और गोल करने की आवश्यकता है। भारत प्रो-लीग में 9 टीमों में 8वें स्थान पर रहा था। टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 6 फील्ड गोल किए, जबकि अन्य 7 टीमों के खिलाफ केवल 10 गोल किए। यदि भारत को वर्ल्ड कप में मेडल का सपना पूरा करना है, तो इसे जल्द सुधारना होगा।
इसके अलावा, डिफेंस में भी सुधार की आवश्यकता है। इंग्लैंड के खिलाफ बढ़त बनाने के बावजूद, भारतीय टीम की कमजोर डिफेंस के कारण हार हुई। कोच क्रेग फुल्टन ने भी स्वीकार किया कि डिफेंस की इंटेंसिटी बनाए नहीं रखी गई, जिससे इंग्लैंड को मौका मिला। खासकर तीसरे क्वार्टर में भारत का डिफेंस बेहद कमजोर नजर आया। टीम के अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने भी डिफेंस की चूक पर जोर दिया। भारत ने डिफेंस की गलती के कारण ही दूसरे हाफ में मैच गंवाया। टीम को पोडियम फिनिश के लिए इस मोर्चे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।