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मयंक यादव ने जिम्बाब्वे में बनाया नया रिकॉर्ड, भुवनेश्वर कुमार की बराबरी की

भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंद पर विकेट लेकर भुवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। जानें कैसे मयंक ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया और भारतीय टीम को एक मजबूत शुरुआत दिलाई। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।
 

मयंक यादव की शानदार गेंदबाजी


नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक शानदार प्रदर्शन किया, जिसने अयरलैंड और इंग्लैंड के अनुभवों को पीछे छोड़ दिया। मयंक यादव, जो दो साल बाद टी20 टीम में लौटे हैं, ने पहले मैच में पहली गेंद पर विकेट लिया और अब तीसरे मैच में भी वही कमाल किया। उनकी घातक गेंदबाजी ने उन्हें एक ऐसा रिकॉर्ड दिलाया, जिसे पहले केवल एक भारतीय गेंदबाज ने हासिल किया था। मयंक ने भूवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।


तीसरे टी20 में, मयंक यादव ने अपनी तेज गेंदबाजी का जादू दिखाया। पहले टी20 में जिस बल्लेबाज को पहली गेंद पर आउट किया था, उसे फिर से पवेलियन भेजा। उन्होंने मैच की पहली गेंद पर ब्रायन बेनेट को गोल्डन डक पर आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। मयंक ने लगभग 147 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी, जिस पर बेनेट बल्ले का किनारा दे बैठे। पहली स्लिप में खड़े वैभव सूर्यवंशी ने शानदार कैच लपककर उन्हें पवेलियन भेज दिया.


भुवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी

Same bowler, same batter, same exact first-ball result

Mayank Yadav dismisses Brian Bennett on the very first ball… AGAIN

Updates https://t.co/oApMpI6eRc#TeamIndia | #ZIMvIND pic.twitter.com/SkfYVRzWEh

— BCCI (@BCCI) July 26, 2026


इस विकेट के साथ, मयंक यादव ने भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पारी की पहली गेंद पर तीन बार विकेट लेने के भूवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इस मामले में उन्होंने हार्दिक पांड्या (2 बार) को पीछे छोड़ दिया। मयंक ने इसी सीरीज के पहले टी20 में भी ब्रायन बेनेट को पहली ही गेंद पर आउट किया था। उस मुकाबले में उन्होंने दो साल बाद वापसी करते हुए 2 विकेट झटके थे। अब तीसरे टी20 में भी उन्होंने वही शानदार शुरुआत दोहराकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया। मयंक की इस बेहतरीन गेंदबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक बनते जा रहे हैं।