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मिस्र ने फीफा वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत से अंतिम 16 में बनाई जगह

फीफा वर्ल्ड कप में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर पहली बार अंतिम 16 में जगह बनाई है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद, टीम के फॉरवर्ड हैसेम हसन ने कहा कि यह सफलता उनके देश के 120 मिलियन लोगों के लिए गर्व का पल है। जानें इस रोमांचक मुकाबले के बारे में और कैसे मिस्र ने अपनी पहली नॉकआउट जीत हासिल की।
 

मिस्र की पहली नॉकआउट जीत

अर्लिंगटन: फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में मिस्र ने पहली बार अंतिम 16 में प्रवेश किया है। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में, मिस्र ने पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की।


यह मिस्र की वर्ल्ड कप में पहली नॉकआउट जीत है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद, टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ी हैसेम हसन ने कहा कि इस सफलता से उनके देश के लगभग 120 मिलियन लोग खुश होंगे। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक मैच नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।


हसन ने 'फीफा' से बातचीत में कहा, "यह अविश्वसनीय अनुभव है। हमने आज 120 मिलियन लोगों को खुश किया है। पूरे देश में जश्न मनाया जाएगा। इतने लोगों की खुशी का कारण बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।"


मिस्र और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा। 13वें मिनट में इमाम अशूर ने करीम हाफेज के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने एक गोल किया, जब मिस्र के खिलाड़ी एडेन ओ’नील ने गलती से गेंद को अपने ही नेट में डाल दिया। इससे स्कोर 1-1 हो गया।


निर्धारित 90 मिनट में कोई भी टीम निर्णायक गोल नहीं कर सकी, और मैच अतिरिक्त समय में चला गया। अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमों ने कई प्रयास किए, लेकिन कोई गोल नहीं हो पाया। अंततः मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में गया, जहां मिस्र ने शानदार प्रदर्शन किया। उनकी टीम ने चारों पेनल्टी को गोल में बदला, जबकि ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर और लुकास हेरिंगटन लक्ष्य से चूक गए।


इस जीत के साथ, मिस्र ने राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है, जहां उनका सामना 8 जुलाई को अर्जेंटीना से होगा।


गोलकीपर मुस्तफा शौबिर ने भी टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिस्र की सबसे बड़ी ताकत उनका धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, "हम अंत तक लड़ते हैं। चाहे हालात कैसे भी हों, हम हार नहीं मानते।"