मीराबाई चानू: भारतीय वेटलिफ्टिंग की नई उम्मीद
मीराबाई चानू का शानदार सफर
भारतीय वेटलिफ्टिंग की स्टार मीराबाई चानू एक बार फिर देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। कुंजारानी देवी से प्रेरित होकर इस खेल में कदम रखने वाली चानू ने राष्ट्रीय स्तर पर कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। 31 वर्ष की उम्र में भी, वह आगामी राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत की प्रमुख पदक उम्मीद बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मीराबाई की पहचान
मणिपुर के नोंगपोक काकचिंग गांव से निकलकर मीराबाई चानू ने पिछले एक दशक में भारतीय वेटलिफ्टिंग का चेहरा बन गई हैं। महान खिलाड़ी कुंजारानी देवी से प्रेरणा लेकर और कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन में उन्होंने खेल में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 31 साल की उम्र में भी उनका जज्बा बरकरार है और वह इस खेल में भारत की सबसे मजबूत दावेदार मानी जाती हैं।
वेटलिफ्टिंग में नए रिकॉर्ड
वेटलिफ्टिंग के नए वजन नियमों के तहत, मीराबाई ने 48 किग्रा वर्ग में वापसी की है। 2026 की शुरुआत में, उन्होंने मोदीनगर में आयोजित नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 205 किग्रा का अपना पुराना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया, जिसमें 89 किग्रा स्नैच और 116 किग्रा क्लीन एंड जर्क शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का रिकॉर्ड अद्वितीय रहा है। उन्होंने 2014 के ग्लासगो खेलों में रजत पदक से शुरुआत की थी, इसके बाद 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते। अब वह चौथी बार ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण की हैट्रिक लगाने के लिए उतरेंगी, और इसके तुरंत बाद उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में 49 किग्रा वर्ग का पदक जीतना होगा।