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मैदान पर मधुमक्खियों के हमले से खिलाड़ियों में हड़कंप, एक अंपायर की मौत

कानपुर में एक क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के अचानक हमले से 15-20 खिलाड़ी घायल हो गए। इस घटना में 60 वर्षीय अंपायर मानिक गुप्ता की दुखद मृत्यु हो गई। हमले के समय मैदान पर कई बच्चे भी मौजूद थे। केसीए ने सभी घायलों का इलाज कराने का आश्वासन दिया है और मानिक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

खिलाड़ियों पर मधुमक्खियों का अचानक हमला


भारत में क्रिकेट को एक धर्म की तरह माना जाता है। हाल ही में एक मैच के दौरान, अचानक मधुमक्खियों के हमले से कई खिलाड़ी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना में अंपायर की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वह अपने जीवन का अंतिम मैच खेल रहे थे।


मधुमक्खियों का हमला

मैदान पर मधुमक्खियों का हमला


बुधवार को, कानपुर के उन्नाव में एक मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में 60 वर्षीय अंपायर मानिक गुप्ता की मृत्यु हो गई।


जानकारी के अनुसार, मानिक गुप्ता कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के साथ लगभग 30 वर्षों से जुड़े थे। हमले के समय उन्हें कई जगह डंक लगे और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें कानपुर के एक अन्य अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब उन्नाव के सप्रू स्टेडियम में वाईएमसीसी और पैरामाउंट के बीच मैच चल रहा था।


केसीए के महाप्रबंधक का बयान

केसीए के महाप्रबंधक दिनेश कटियार ने बताया कि मानिक ने हाल ही में अंडर-13 लीग टूर्नामेंट में अंपायरिंग की थी। वह अपने एक मित्र के लिए रुके थे, जो दूसरे मैच में अंपायरिंग कर रहा था, तभी मधुमक्खियों ने हमला किया।


उन्होंने कहा कि हमले में लगभग एक दर्जन बच्चे भी घायल हुए, जिनमें से अधिकांश ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी।


परिवार को आर्थिक सहायता

मधुमक्खियों के हमले में घायल सभी खिलाड़ियों का इलाज केसीए द्वारा किया जा रहा है। मानिक गुप्ता के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उनका अंतिम संस्कार कानपुर के भगवत दास घाट पर किया गया।


कटियार ने कहा, "मानिक जिला स्तरीय अंपायर थे। केसीए उनके परिवार को एक्स-ग्रेसिया देगा। इसके अलावा, कानपुर की क्रिकेट टीम भी प्रशासन से आर्थिक सहायता की उम्मीद कर रही है।"