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मोहम्मद शमी का क्रिकेट करियर: वापसी की उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने हाल ही में अपने करियर के भविष्य पर विचार साझा किए हैं। उन्होंने संन्यास के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वह खेलना जारी रखेंगे, चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो या घरेलू क्रिकेट में। शमी की ख्वाहिश 2027 वनडे विश्व कप में भारत को जीत दिलाने की है। जानें उनके लिए दलीप ट्रॉफी कितनी महत्वपूर्ण है और कैसे वह वापसी की योजना बना रहे हैं।
 

मोहम्मद शमी की चुनौतीपूर्ण स्थिति

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं। एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी से बाहर होने के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। इसके अलावा, 2023 विश्व कप के बाद आई गंभीर चोट ने उनकी स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।


हालांकि, गुरुवार से दलीप ट्रॉफी में लाल गेंद से गेंदबाज़ी शुरू करने जा रहे शमी के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह उनके लिए टीम इंडिया में वापसी का एक अवसर हो सकता है। लेकिन 34 वर्ष की उम्र में एक तेज़ गेंदबाज़ के लिए वापसी करना आसान नहीं है, और यही बात उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।


संन्यास के सवालों पर शमी ने स्पष्टता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अगर मेरी वजह से किसी को परेशानी है, तो मुझे बताएं। क्या मेरी रिटायरमेंट लेने से किसी की जिंदगी आसान हो जाएगी? जब मुझे लगेगा कि अब खेल में मन नहीं लग रहा, तब मैं खुद क्रिकेट से दूर हो जाऊँगा। अगर आप मुझे सेलेक्ट नहीं करते, तो कोई बात नहीं। मैं खेलना बंद नहीं करूँगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं तो घरेलू क्रिकेट में खेलता रहूँगा। संन्यास तब लेना चाहिए जब थकान या ऊब महसूस हो, और मेरे लिए वह समय अभी नहीं आया है।”


शमी ने अपनी सबसे बड़ी ख्वाहिश भी साझा की, जो कि 2027 वनडे विश्व कप में भारत को जीत दिलाना है। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी का एक ही सपना बाकी है भारत को वनडे विश्व कप जीतते हुए देखना। 2023 में हम बहुत करीब पहुँचे थे, पूरा देश उम्मीद लगाए बैठा था। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मेरे उस मैच का जिक्र हमेशा याद रहेगा जब मैंने सात विकेट लिए। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 24 विकेट लेने वाला गेंदबाज़ बनना गर्व की बात थी, लेकिन कप हाथ में न आना दुखदायी था। अब यही सपना है, कि 2027 में जो अधूरा रह गया, उसे पूरा कर सकूँ।”