यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा पर NADA का नोटिस: क्या है 'वेयरअबाउट्स फेल्योर'?
नई दिल्ली में क्रिकेट के दो सितारे मुश्किल में
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा एक गंभीर स्थिति में हैं। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने दोनों को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन पर 'वेयरअबाउट्स फेल्योर' का आरोप लगाया गया है। यह एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
वेयरअबाउट्स फेल्योर क्या है?
NADA के नियमों के अनुसार, रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन और उपलब्धता की जानकारी पहले से देनी होती है। इससे डोपिंग अधिकारी बिना सूचना दिए टेस्ट कर सकते हैं। यशस्वी और शेफाली दोनों इस पूल में शामिल हैं।
घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, यशस्वी का डोप टेस्ट 17 दिसंबर को निर्धारित था, लेकिन जब अधिकारी पहुंचे तो वे वहां नहीं थे। इसी तरह, शेफाली का टेस्ट 7 नवंबर को होना था, जिसमें वे भी अनुपस्थित रहीं।
NADA ने फरवरी में दोनों को स्पष्टीकरण नोटिस भेजा। यशस्वी को 18 फरवरी और शेफाली को 20 फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर NADA ने उनका पहला 'मिस्ड टेस्ट' दर्ज कर लिया है। इस मामले की जानकारी BCCI को भी दी गई है।
खिलाड़ियों का पक्ष
यह मामला अभी सीधे डोपिंग उल्लंघन के रूप में नहीं देखा जा रहा है। नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी 12 महीने में तीन बार ऐसा नियम तोड़ता है, तो उसे दो साल तक का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है। फिलहाल, दोनों खिलाड़ियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
यशस्वी इस समय IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, शेफाली ने हाल ही में महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दोनों को भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य माना जाता है। इस मामले ने एंटी-डोपिंग नियमों के पालन को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।
NADA का बयान
NADA ने स्पष्ट किया है कि यह पहला उल्लंघन है। दोनों खिलाड़ी मामले को सुलझाने के लिए जवाब दे सकते हैं। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा और दोनों खिलाड़ी बिना किसी बड़े नुकसान के मैदान पर लौटेंगे।