यूसुफ पठान के परिवार पर हमला: मुंबई में हुई गिरफ्तारी और विवाद की पूरी कहानी
मुंबई में विवादित घटना
नई दिल्ली: पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान के ससुर, साले और एक रिश्तेदार को मुंबई के भायखला क्षेत्र में मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर की है। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम का विवरण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना शनिवार (18 अप्रैल 2026) रात लगभग 9 बजे हुई। जब यूसुफ खान नामक एक स्थानीय निवासी अपनी कार से लौट रहे थे, तब उनकी गाड़ी सड़क के गड्ढे में चली गई। इससे पानी उछलकर शोएब खान पर गिर गया, जो यूसुफ पठान के रिश्तेदार हैं।
यूसुफ खान ने बताया कि उन्होंने तुरंत कार रोककर माफी मांगी, लेकिन विवाद बढ़ गया। शोएब ने गालियां दीं, कार का शीशा तोड़ा और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद, यूसुफ खान ने परिवार की सलाह पर पुलिस में शिकायत करने का निर्णय लिया।
इस दौरान, उनकी मुलाकात यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान उर्फ मकालीक से हुई। पुलिस के अनुसार, खालिद ने अपने बेटे उमरशाद खान, शोएब खान और शहबाज पठान के साथ मिलकर यूसुफ खान और उनके परिवार पर फिर से हमला किया। इस बार बांस की लाठियों और बेसबॉल बैट का इस्तेमाल किया गया।
मारपीट के गंभीर परिणाम
इस मारपीट में यूसुफ खान के साले सलमान का हाथ टूट गया और उनके चाचा ज़की अहमद को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने खालिद, उमरशाद और शोएब को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शहबाज पठान अभी फरार है। इन तीनों पर मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने आरोपियों को 2 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और बचाव पक्ष का तर्क
पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है। जब्त किए गए हथियारों में बांस की लाठियां और एक बेसबॉल बैट शामिल हैं। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया है, यह कहते हुए कि फरार आरोपी को पकड़ना और सबूतों के साथ छेड़छाड़ रोकना आवश्यक है।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील दयानंद डेरे ने कहा कि यह एक मामूली बहस थी जिसमें दोनों पक्ष शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कहानी पेश की है और खालिद खान को फंसाया गया है। पुलिस ने यूसुफ खान के खिलाफ भी एक FIR दर्ज की है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन पर दो बार हमला हुआ। अब यह मामला कोर्ट में पहुंच चुका है।