राजा मुथुपंडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर मेडल
भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का शानदार प्रदर्शन
ग्लासगो में चल रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा है। पुरुषों की 65 किग्रा श्रेणी में राजा मुथुपंडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह भारत का रविवार का तीसरा पदक है, और तीनों पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं। लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद राजा की यह उपलब्धि उनके संघर्ष और मेहनत का प्रतीक है।
286 किलोग्राम वजन उठाकर जीता सिल्वर
राजा मुथुपंडी ने प्रतियोगिता में कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। इस प्रदर्शन के चलते उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया। मलेशिया के अज़नील बिन बिदिन मोहम्मद ने 299 किलोग्राम के रिकॉर्ड वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता।
चोट के बाद की शानदार वापसी
राजा मुथुपंडी का यह सिल्वर मेडल उनके संघर्ष की कहानी को बयां करता है। 2019 में कोहनी के लिगामेंट की गंभीर चोट ने उनके करियर को संकट में डाल दिया था। इसके बाद महामारी और प्रतिस्पर्धा के कारण उनकी यात्रा और कठिन हो गई थी। हालांकि, 65 किग्रा वर्ग की शुरुआत के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की और लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
भारत के लिए रहा यादगार दिन
रविवार का दिन भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के लिए बेहद खास रहा। इससे पहले मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किग्रा स्पर्धा में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीता। वहीं, चनंबम ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किग्रा स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। राजा के पदक के साथ भारत के खाते में दिन के तीन पदक हो गए।
बॉक्सिंग में मिला पहला झटका
जहां वेटलिफ्टिंग में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बॉक्सिंग में टीम को पहला झटका लगा। आदित्य प्रताप यादव प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में युगांडा के नूहू बैटे से 3-2 के करीबी अंतर से हार गए। इसके साथ ही ग्लासगो 2026 में भारत को बॉक्सिंग में पहली हार का सामना करना पड़ा।