रोहित शर्मा का क्रिकेट सफर: एक अद्भुत यात्रा
रोहित शर्मा का प्रारंभिक सफर
23 जून, 2007 को रोहित शर्मा ने भारत की नीली जर्सी पहनी थी, एक ऐसा दिन जो हर क्रिकेट प्रेमी के लिए यादगार है। आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में फ्यूचर कप के दौरान उन्हें टीम में शामिल किया गया, लेकिन वह मैदान पर नहीं उतर सके। इस दिन से उनके शानदार इंटरनेशनल व्हाइट-बॉल करियर की शुरुआत हुई, जब वह मिडिल ऑर्डर में खेलते थे.
2011 वर्ल्ड कप में अनुपस्थिति
Really really disappointed of not being the part of the WC squad..I need to move on frm here..but honestly it was a big setback..any views!
— Rohit Sharma (@ImRo45) January 31, 2011
विराट कोहली ने एक बार कहा था कि जब उन्होंने रोहित को बल्लेबाजी करते देखा, तो वह हैरान रह गए। रोहित की ODI में शुरुआत अच्छी नहीं रही। कभी वह शानदार खेलते, तो कभी उनका बल्ला खामोश रहता। इस कारण उन्हें 2011 की वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा न बन पाने से सच में बहुत निराशा हुई है... मुझे अब आगे बढ़ना होगा... लेकिन सच कहूं तो यह एक बड़ा झटका था... आपकी क्या राय है?"
धोनी का प्रभाव
रोहित के करियर का महत्वपूर्ण मोड़ 2013 में आया, जब महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में ओपनिंग करने का मौका दिया। यह निर्णय उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ। ओपनिंग करते ही रोहित का खेल बदल गया और उन्होंने अपनी तकनीक से दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों को परेशान करना शुरू किया। इसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला वनडे दोहरा शतक (209 रन) बनाया।
2013 चैंपियंस ट्रॉफी
रोहित शर्मा उस भारतीय टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे जिसने 2013 ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इस टूर्नामेंट में उन्होंने ओपनिंग बैटर की भूमिका निभाई। MS धोनी की कप्तानी में भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को 5 रन से हराया। इस जीत के साथ रोहित की वनडे में असली एंट्री हुई।
2015 वर्ल्ड कप
2011 के बाद, 2015 का वर्ल्ड कप रोहित के लिए एक बड़ा अवसर था। उन्होंने 8 मैचों में 47.14 की औसत से 330 रन बनाए, जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 137 रनों की पारी शामिल थी। हालांकि, वह वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए।
2019 वर्ल्ड कप
2019 का वर्ल्ड कप रोहित के लिए ऐतिहासिक रहा। उन्होंने 9 मैचों में 81.00 की औसत से 648 रन बनाए और पांच शतक बनाए। वह पहले बल्लेबाज बने जिन्होंने एक ही वर्ल्ड कप में पांच शतक लगाए। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ हारने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया।
2023 वर्ल्ड कप
2023 में रोहित को कप्तान बनाया गया। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार 10 मैच जीते। उन्होंने 125.94 के स्ट्राइक रेट से 597 रन बनाए, लेकिन एक बार फिर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गए।
रोहित का आखिरी मैच
लॉर्डस में रोहित का आखिरी मैच हो सकता है। एक ऐसे खिलाड़ी ने हर वर्ल्ड कप में अपनी टीम को जीत दिलाई और 33 सेंचुरी जड़ी। लेकिन अब उन्हें केवल 46 गेंदों के खेल पर रिटायर होना पड़ रहा है। यह उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।