लंका प्रीमियर लीग 2026 में मनजोत कालरा की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
लंका प्रीमियर लीग में विवाद का आगाज़
लंका प्रीमियर लीग 2026 के उद्घाटन दिन ही एक बड़ा विवाद सामने आया है। जाफना किंग्स के सह-मालिक और पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर मनजोत कालरा को श्रीलंका की खेल भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने गिरफ्तार किया है। उन पर एक खिलाड़ी को पैसे का लालच देकर प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी का कारण
श्रीलंका पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय मनजोत कालरा को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने लंका प्रीमियर लीग के दौरान एक खिलाड़ी को पैसे का प्रस्ताव देकर प्रभावित करने का प्रयास किया। जांच एजेंसियों ने बताया कि संबंधित खिलाड़ी ने लगभग दस दिन पहले इस मामले की जानकारी अधिकारियों को दी थी। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई और पर्याप्त सबूत मिलने पर कालरा को गिरफ्तार किया गया। उन्हें बाद में अदालत में पेश किया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
खिलाड़ियों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि श्रीलंका के खिलाड़ी भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। ये सभी खिलाड़ी जाफना किंग्स टीम का हिस्सा हैं। मनजोत कालरा ने इस साल की शुरुआत में जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी में निवेश किया था और वह टीम के सह-मालिक बने थे। इससे पहले, उन्होंने 2018 अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारत के लिए शतक लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने खेल व्यवसाय में कदम रखा था, लेकिन अब उन पर गंभीर आरोप लगने से उनका नाम फिर से चर्चा में है।
एलपीएल पर पूर्व में भी लगे हैं आरोप
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब लंका प्रीमियर लीग 2026 का पहला मैच खेला जा रहा था। इस टूर्नामेंट में पांच टीमें शामिल हैं और कुल 24 मैच खेले जाने हैं, जिनका फाइनल 8 अगस्त को होगा। पिछले कुछ वर्षों में लंका प्रीमियर लीग पर मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इसी साल एक अन्य फ्रेंचाइजी के मालिक को भी खिलाड़ी को सट्टेबाजी में शामिल करने के प्रयास के मामले में जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा टूर्नामेंट अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।