लियोनेल मेसी ने पिता के निधन पर साझा किया दर्दनाक अनुभव
मेसी का भावुक संदेश
नई दिल्ली: अर्जेंटीना के फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेसी इस समय अपने जीवन के एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। अपने पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद, उन्होंने पहली बार अपने दर्द को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में, मेसी ने अपने पिता के साथ के रिश्ते, विश्व कप से जुड़ी उनकी अंतिम इच्छा और अपने भविष्य के बारे में उठ रहे सवालों का जिक्र किया। मेसी के इस संदेश ने विश्वभर के फुटबॉल प्रेमियों को भावुक कर दिया।
जॉर्ज मेसी का निधन
जॉर्ज मेसी का हाल ही में निधन हुआ, जो लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वह केवल मेसी के पिता नहीं थे, बल्कि उनके करियर के आरंभिक दिनों से उनके एजेंट, सलाहकार और सबसे करीबी साथी भी रहे। मेसी ने बताया कि उनके पिता हमेशा उनके साथ रहे, जब वह विश्व फुटबॉल के शीर्ष पर पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
‘अब समझ नहीं आ रहा आगे क्या करूं’
मेसी ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि पिता के बिना जीवन कैसे आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब उनके मन में फुटबॉल जारी रखने को लेकर कई सवाल हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा फुटबॉल को समर्पित किया, लेकिन पिता के जाने के बाद उनके खेल के प्रति नजरिया बदल गया है।
पिता की अंतिम इच्छा
विश्व कप खेलने की पिता की आखिरी इच्छा
मेसी के अनुसार, उनके पिता हमेशा चाहते थे कि वह 2026 का विश्व कप खेलें। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जॉर्ज की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। मेसी ने अपने पिता से कहा था कि अर्जेंटीना फाइनल तक पहुंचेगा, ताकि वह उन्हें देखने के लिए यात्रा कर सकें, लेकिन दुर्भाग्यवश, जॉर्ज फाइनल में उपस्थित नहीं हो सके।
मैदान पर भावनाएं
मैदान पर भी दिखा था दर्द
विश्व कप के पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ मेसी ने शानदार हैट्रिक बनाई थी, लेकिन गोल के बाद उनकी भावुकता चर्चा का विषय बन गई थी। उन्होंने बाद में बताया कि वह उस समय निजी जीवन की कठिनाइयों से गुजर रहे थे। इसके बावजूद, उन्होंने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विश्व कप में आठ गोल और चार असिस्ट दर्ज किए।
पिता के साथ का रिश्ता
पिता के साथ था जिंदगी भर का रिश्ता
मेसी ने याद किया कि बचपन में उनके पिता काम से लौटने के बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे। जॉर्ज उनके हर मैच को देखते थे और उनकी गलतियों पर चिंता करते थे, लेकिन तारीफ बहुत कम करते थे। मेसी ने उन्हें अपने पिता के साथ दोस्त और प्रतिनिधि भी बताया। अंत में, उन्होंने कहा कि अपने बच्चों की परवरिश में वह वही संस्कार देने की कोशिश करेंगे जो उन्हें अपने माता-पिता से मिले। उनके इस संदेश पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो समेत फुटबॉल जगत के कई लोगों ने संवेदना व्यक्त की।