वरुण सान्याल: एशियन गेम्स 2026 में भारत का MMA सितारा
एशियन गेम्स 2026 का आगाज
19 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत होने जा रही है। इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 500 से अधिक खिलाड़ी शामिल होंगे। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल के बेटे वरुण सान्याल भी शामिल हैं। वरुण 77 किग्रा भार वर्ग में MMA फाइटर के रूप में भारत की टीम में जगह बना चुके हैं।
शिक्षा और MMA की शुरुआत
वरुण, जो सिंगापुर में बड़े हुए, ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री प्राप्त की है। इंग्लैंड में रहते हुए उन्हें MMA के बारे में जानकारी मिली। शुरुआत में उन्होंने इसे सेल्फ-डिफेंस और फिटनेस के लिए अपनाया, लेकिन बाद में यह उनके प्रतिस्पर्धात्मक स्वभाव को उजागर करने का माध्यम बन गया।
पिता की चिंता और वरुण का संघर्ष
वरुण के पिता संजीव खेलों के प्रति उत्साही हैं, लेकिन MMA में जोखिमों को देखते हुए वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा इस क्षेत्र में जाए। वरुण ने बताया कि उनके पिता को इस खेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
इंग्लैंड में प्रशिक्षण
वरुण ने जुलाई 2022 में एमेच्योर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। अगले वर्ष उन्होंने इंडियन नेशनल एमेच्योर चैंपियनशिप जीती, जिससे उन्हें वर्ल्ड एमेच्योर चैंपियनशिप में स्थान मिला। यहां उन्होंने साउथ अफ्रीकी चैंपियन लियाम शुल्ज और पेड्रो कैलेम्बेला को हराया, हालांकि बाद में जे मचाडो से हार गए।
वरुण की तैयारी
वरुण अब बड़े मुकाबलों के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वह इंग्लैंड में मारियो पिंटो और लुइस सदरलैंड जैसे UFC फाइटर्स के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। भारत में, वह गुड़गांव के 'वॉरियर्स कोव' में ट्रेनिंग करते हैं।
एशियन गेम्स में स्थान
इस वर्ष चीन में हुई एशियन चैंपियनशिप में वरुण ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिससे उनकी एशियन गेम्स में भागीदारी सुनिश्चित हुई। उन्होंने जून में मुंबई में 'वॉरियर्स ड्रीम सीरीज 17' में अपनी पहली प्रोफेशनल MMA फाइट में करण नितिन चौहान को हराया, जिसके बाद उन्हें एशियन गेम्स की टीम में शामिल किया गया। वरुण का मानना है कि उनके पिता की वजह से उन पर ध्यान रहेगा, लेकिन वह चाहते हैं कि लोग उन्हें उनकी फाइटिंग स्किल्स के लिए जानें।